चंडीगढ़। पीजीआई प्रशासन ने नेहरू एक्सटेंशन में संविदा पर कार्यरत 42 कर्मचारियों की सेवा 19 अगस्त को समाप्त कर दी है। इसके बाद ठेकेदार ने ठेका श्रमिकों को नोटिस जारी किया है जिसमें कहा गया है कि 20 अगस्त से कोई भी कर्मचारी उक्त परियोजना/स्थल पर ड्यूटी पर रिपोर्ट न करें। यदि कोई कर्मचारी स्वयं ड्यूटी पर जाता है तो कंपनी उसके वेतन के लिए ज़िम्मेदार नहीं होगी।
ज्वाइंट एक्शन कमेटी (जेएसी) के चेयरमैन अश्विनी कुमार मुंजाल का कहना है कि पीजीआई प्रशासन मौजूदा ठेका कर्मचारियों को हटाने की मंज़ूरी में देरी कर अपने रिश्तेदारों को समायोजित करना चाहता है अन्यथा, लिफ्ट और फायर अलार्म सिस्टम सहित रोगी देखभाल सेवाओं से संबंधित मंजूरी में देरी करने का कोई कारण और आधार नहीं हो सकता। डीडीए ने लिफ्ट और फायर अलार्म सिस्टम जैसी महत्वपूर्ण रोगी देखभाल सेवाओं की फाइल 61 दिनों से लटका रखी है।