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Fire in Chandigarh PGI: बैटरी की गुणवत्ता पर उठा था सवाल, बायो मेडिकल डिवीजन ने दिया था बदलने का प्रस्ताव

Fri, 13 Oct 2023 03:52 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पीजीआई प्रशासन ने सी डेक कंपनी को 2012-13 में इस यूनिट की जिम्मेदारी सौंपी थी। इसके लिए पीजीआई प्रशासन कंपनी को भुगतान करता था। एक साल पहले समझौता तोड़ने के बाद से उसकी पूरी जिम्मेदारी इंजीनियरिंग विभाग पर आ गई।
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चंडीगढ़ पीजीआई में आग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चंडीगढ़ पीजीआई के नेहरू अस्पताल में लगी आग के मामले में खुलासा हुआ है। अग्निकांड को अंजाम देने वाली बैटरी की गुणवत्ता पर पीजीआई की टीम ने पहले ही सवाल उठाया था। निजी कंपनी की ओर से समझौता खत्म किए जाने के बाद से उस यूनिट की जिम्मेदारी संभाल रहे बायोमेडिकल डिवीजन ने बैटरी की गुणवत्ता खराब बताते हुए बदलने का प्रस्ताव काफी पहले सीनियर अकाउंट ऑफिसर को दे दिया था। 

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सूत्रों के अनुसार इसके लिए डिवीजन ने खर्च का ब्योरा भी दिया था लेकिन उच्चाधिकारियों ने प्रस्ताव को दरकिनार कर बैटरी बदलने की कार्ययोजना को स्वीकृति नहीं दी। वहीं, इस मामले में पीजीआई के आला अधिकारी मौन हैं क्योंकि अगर यह जानकारी सामने आई तो जवाबदेही तय की जाएगी।
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बता दें कि पीजीआई प्रशासन ने सी डेक कंपनी को 2012-13 में इस यूनिट की जिम्मेदारी सौंपी थी। इसके लिए पीजीआई प्रशासन कंपनी को भुगतान करता था। एक साल पहले समझौता तोड़ने के बाद से उसकी पूरी जिम्मेदारी इंजीनियरिंग विभाग पर आ गई। विभाग के बायोमेडिकल डिवीजन के अंतर्गत उसकी मेंटीनेंस (देखरेख) हो रही थी। शुरुआती दौर में ही कर्मचारियों ने बैटरी की स्थिति का आकलन करते हुए उसे बदलने की जरूरत बताई थी क्योंकि उन बैटरियों की 20 साल की समयसीमा पूरी हो चुकी थी।

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