पीजीआई के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट प्रोफेसर एके गुप्ता ने पीजीआई के डायरेक्टर पोस्ट के लिए आवेदन किया है, लेकिन इस दौरान उन्हें चार्जशीट कर दिया गया है। उन पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का आदेश नहीं मानने का आरोप है। मंत्रालय की ओर से उन्हें नेपाल कांफ्रेंस में जाने की अनुमति नहीं मिली थी, इसके बावजूद वे विदेश टूर पर चले गए थे।
पीजीआई प्रशासन से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि चार्जशीट होने के बाद कोई भी अधिकारी डायरेक्टर पोस्ट के लिए योग्य नहीं माना जाएगा। इस आधार पर उनका आवेदन कैंसिल किया जा सकता है। मेडिकल सुपरिंटेंडेंट एके गुप्ता बिना गवर्निंग बॉडी से मंजूरी लिए तीन महीने के विदेश टूर पर चले गए थे। अक्तूबर 2014 में इस संबंध में गवर्निंग बाडी की बैठक हुई।
इसमें तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री डा. हर्षवर्धन ने भी सवाल उठाया था कि बिना मंजूरी वे कैसे विदेश कांफ्रेंस में हिस्सा ले सकते हैं। उनकी छुट्टियां रद्द कर दी गईं और उन्हें इस बारे में अवगत भी करा दिया गया। इसके बावजूद वे छुट्टी से वापस नहीं आए। उसके बाद मंत्रालय ने उनके खिलाफ एक्शन लेने के आदेश जारी किए। मंत्रालय के आदेश पर पीजीआई ने उनके खिलाफ चार्जशीट जारी कर दस दिन के भीतर जवाब मांगा है।