टेक्नीशियन को पीटने के आरोपी रेजिडेंट डॉक्टर पर कार्रवाई नहीं होने पर पीजीआई के ओटी टेक्नीशियन मंगलवार को हड़ताल पर रहे। सभी आपरेशन अगले आदेश तक टाल दिए गए हैं। दूर-दराज से आए मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई पेशेंट इंतजार में हैं कि टेक्नीशियन काम पर लौटे, ताकि उनके आपरेशन हो सके। हालांकि जो सर्जरी बिना टेक्नीशियन के हो सकती थीं, पीजीआई ने उसे करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। ओटी टेक्नीशियन की हड़ताल बुधवार को भी जारी रहेगी।
मंगलवार को सुबह आठ बजे से ही ओटी टेक्नीशियन हड़ताल पर चले गए और डायरेक्टर आफिस के बाहर नारेबाजी शुरू कर दी। आरोप है कि पीजीआई प्रशासन रेजिडेंट डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने के मूड में नहीं है। हड़ताल पर जाते ही पीजीआई प्रशासन ने ओटी टेक्नीशियन को बातचीत के लिए बुलाया। बैठक में प्रशासन की ओर से तीन विकल्प रखे। पहला इस मामले को पुलिस को सौंप दिया जाए। दूसरा, नई कमेटी गठित की जाए, तीसरा कमेटी को दोबारा रिव्यू करने को दिया जाए।
ओटी टेक्नीशियन रिव्यू पर राजी हो गए, लेकिन उन्होंने भी शर्त रख दी। शर्त के मुताबिक जब तक कमेटी रिव्यू करेगी, तब तक आरोपी डॉक्टर आशीष को सस्पेंड रखा जाए। इस बात पर पीजीआई राजी नहीं हुई और बात बिगड़ गई। इसके बाद ओटी टेक्नीशियन फिर से धरने पर बैठ गए और नारेबाजी शुरू कर दी। टेक्नीशियन का कहना है कि जब तक डॉक्टर पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे।
क्या है पीजीआई का दावा
चंडीगढ़ का पीजीआई अस्पताल
- फोटो : PTI
क्या है पीजीआई का दावा
पीजीआई की ओर से दावा किया गया है कि आपरेशन थियेटर मैनेजमेंट कमेटी की ओर से मंगलवार को रूटीन और इमरजेंसी सर्जरी की गई हैं। शाम पांच बजे तक 114 रूटीन सर्जरी और 20 इमरजेंसी सर्जरी की गई हैं।
मेरी पांच वर्षीय भतीजी का मंगलवार को आपरेशन होना था। सुबह उसे खाली पेट एडमिट कर लिया था। दोपहर के तीन बज चुके हैं, लेकिन आपरेशन नहीं शुरू हुआ है। डॉक्टर का कहना है कि जब तक टेक्नीशियन नहीं आते, तब तक इलाज शुरू नहीं किया जा सकता। हम लोग पिछले आठ महीने से पीजीआई आ रहे हैं। आज लगा था कि पीजीआई के चक्कर काटना बंद हो जाएंगे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। भतीजी को कोकलियर इंप्लांट लगना था।
-हरचंद संधू, तरनतारन पंजाब
मेरी 12 वर्षीय बेटी का भी ईएनटी का आपरेशन होना है। पिछले आठ महीने के बाद आपरेशन की बारी आई थी, लेकिन हड़ताल की वजह से आपरेशन लटक गया है। सुबह से बेटी ने कुछ खाया भी नहीं है। हम लोग सोमवार सुबह पीजीआई पहुंच गए थे। ऐसा लग रहा है कि जब तक हड़ताल खत्म नहीं होती, तब तक आपरेशन का नंबर भी नहीं आना है।
-मीनू, जालंधर पंजाब
मेरी बेटी का तो आपरेशन चल रहा है। बेटी को भी कोकलियर इंप्लाट लगना है। जो पंजाब वाले केस हैं, वे थोड़े कांप्लिकेटेड हैं। उसमें टेक्नीशियन की जरूरत पड़ सकती है। मेरे बेटी का केस कोई कांप्लिकेशन नहीं है।
प्रार्थना शुक्ला, पंचकूला