मूलरूप से राजस्थान के रहने वाले राजेंद्र ने बताया कि जब वे कोविड हॉस्पिटल में ड्यूटी कर रहे थे, तब उनकी मां का फोन आया था और पूछा था कि क्या तुम्हारी ड्यूटी भी कोरोना वार्ड में लगी है तो राजेंद्र ने मना कर दिया। उनकी मां हाइपरटेंशन व बीपी की मरीज हैं।
राजेंद्र को इस बात का अहसास था कि यदि वे अपनी मां को सच्चाई बता देते तो उनकी तबीयत बिगड़ सकती थी। हालांकि, उन्होंने अपनी पत्नी को जरूर बता दिया था कि उनकी ड्यूटी कोरोना हॉस्पिटल में लगी है। राजेंद्र ने बताया कि उन्होंने अपनी ड्यूटी पूरी ईमानदारी और जज्बे के साथ निभाई है।
ड्यूटी देने के बाद होम क्वारंटीन में हैं
पीजीआई प्रशासन ने एहतियात के तौर पर राजेंद्र को इस वक्त होम क्वांरटीन में भेज दिया है। वे अपने घर पर ही हैं। उनके मुताबिक उन्हें कभी पीपीई किट या अन्य उपकरण की कोई कमी महसूस नहीं हुई। पीजीआई प्रशासन व पीजीआई नर्सिंग एसोसिएशन की ओर से इस दिशा में अच्छा काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यदि कोरोना वायरस लंबा चलता है तो उनकी ड्यूटी दोबारा से वार्ड में लगती है। अपनी इस ड्यूटी को वे दोबारा से पूरे जज्बे और ईमानदारी से निभाएंगे।