पीजीआई नर्सेज वेलफेयर एसोसिएशन ने निदेशक को दिए ज्ञापन में आरोप लगाया है कि उनकी समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जबकि इस बारे में पूर्व में दिए गये पत्र पर बातचीत में सहमति बन गई है। एसोसिएशन के सचिव सत्यवीर सिंह डागर का कहना है पीजीआई प्रशासन की ओर से बातचीत के लिए कोई समय नहीं निर्धारित किया जा रहा है।
इसी संदर्भ में शुक्रवार को पीजीआई नर्सेज वेलफेयर एसोसिएशन की एक्जीक्यूटिव बॉडी की बैठक बुलाई गई। इसमें यह तय हुआ है कि 9 सितंबर को एमएस ऑफिस का घेराव किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी पीजीआई प्रशासन की होगी। एसोसिएशन ने उम्मीद जताई है कि पीजीआई प्रशासन उनकी समस्याओं पर ध्यान देगा।
आपसी बातचीत के माध्यम से उनका निपटारा करेगा। वहीं पीजीआई प्रशासन ने नर्सेज वेलफेयर एसोसिएशन की घेराव करने की चेतावनी को संज्ञान में लिया है। पीजीआई प्रवक्ता की ओर से जारी बयान में बयान में कहा गया है कि नर्सेज वेलफेयर एसोसिएशन की वास्तविक मांगों पर पहले ही विचार किया जा चुका है, जिसमें 7 दिनों के लिए 6 घंटे की ड्यूटी और उसके बाद 5 दिनों की ड्यूटी और ड्यूटी की अवधि के दौरान परिवहन का प्रावधान शामिल है। निदेशक पीजीआई ने पहले ही पुष्टि कर दी है कि एनएचई और ऑफ डेज में ड्यूटी के बारे में आदेशों की समीक्षा की जाएगी। ये कठिन समय हैं और हम सभी से सहयोग की अपेक्षा करते हैं ताकि स्थिति पर काबू पाया जा सके ।
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