आखिरकार कर्मचारियों के गुस्से और दबाव के आगे पीजीआई प्रशासन को झुकना पड़ा। पीजीआई ने स्थायी और अस्थायी कर्मचारियों को सात-सात हजार रुपये बोनस देने का फैसला लिया है।
इससे कर्मचारियों के चेहरे पर खुशी लौट आई है। पीजीआई कांट्रैक्ट यूनियन के प्रधान गोपाल ने बताया कि दो दिन पहले अल्टीमेटम दे दिया था। यदि दो दिन के भीतर बोनस देने पर कोई फैसला नहीं होता तो कर्मचारी शुक्रवार से हड़ताल पर चले जाते।
वीरवार सुबह भी कर्मचारी इकट्ठे हुए। इस दौरान पीजीआई इंप्लाइज यूनियन के जनरल सेक्रेटरी जसवीर सिंह भी पहुंचे। साथ में सफाई कर्मचारी यूनियन भी पहुंच गई।