चंडीगढ़। पीजीआई के 334 बेड का हॉस्पिटल बनकर तैयार हो चुका है और अब शिफ्टिंग का काम भी शुरू हो चुका है। नेहरू हॉस्पिटल एक्सटेंशन के तौर पर शुरू किए जा रहे हॉस्पिटल को 20 अगस्त से ट्रायल के तौर पर शुरू कर दिया जाएगा। यह फैसला पीजीआई की बैठक में लिया गया है। नवनिर्मित भवन में नेहरू हॉस्पिटल से चार डिपार्टमेंट हीप्टोलॉजी, (लिवर), ईएनटी (कान, नाक, गला), रेडियोथैरेपी (कैंसर ट्रीटमेंट) व इंडोक्राइनोलाजी (डायबिटीज व हार्मोन) को शिफ्ट किया जा रहा है। साल 2010 से बन रहे इस हॉस्पिटल के शुरू हो रहे इस हॉस्पिटल में करीब 162 करोड़ रुपये का खर्च आया है। नए हॉस्पिटल में 250 बेड के अलावा 78 प्राइवेट रूम, 10 माड्यूलर आपरेशन थियेटर बनाए गए हैं।
हॉस्पिटल में होंगी ये खूबियां
इस हॉस्पिटल का निर्माण सेंट्रल पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (सीपीडब्ल्यूडी) ने तैयार किया है।
यह भारत का पहला ऐसा सरकारी हॉस्पिटल है, जिसे ग्रीन बिल्डिंग बनाने के लिए प्लेटिनम सर्टिफिकेट मिला है।
यह एक ऐसी बिल्डिंग है, जिसमें बिजली बचाने के हाईटेक उपकरण लगे हैं। जो हर साल चार करोड़ रुपए की बिजली और एक हजार लीटर पानी रोजाना बचाएगा।
आटोमेटेड मैटीरियल ट्रांसपोर्ट सिस्टम बनाया गया है, जिसकी मदद से सैंपल सीधे लैब में मात्र 30 सेकेंड में भेजे जा सकेंगे। अभी मरीज के अटेंडेंट को ले जाना पड़ता था।
सेंट्रल एयर क्लीनर एसी की हवा को साफ करके भेजेगा, इससे इंफेक्शन का खतरा कम होगा।
हॉस्पिटल के बाहर बने गार्डन में औषधीय पौधे लगाए गए हैं, जो दूषित हवा को साफ करने का काम करेंगे।
ग्राउंड फ्लोर पर फेकल्टी रूम, एडमिनिस्ट्रेशन, कैफेटेरिया व रेडिएशन थैरेपी विंग होगा।
फर्स्ट फ्लोर पर ईएनटी के 47 वार्ड व माइनर ओटी होगी।
दूसरे फ्लोर पर हीप्टोलाजी विंग व 45 बेड होंगे। साथ ही एंडोक्राइनोलाजी डिपार्टमेंट के साथ 36 बेड होेंगे।
तीसरे फ्लोर पर 78 प्राइवेट रूम होंगे, जबकि चौथे फ्लोर पर 10 ओटी, आईसीयू व सीसीयू होंगे।