यूपी के डाक्टरों के साथ हुए अत्याचार के विरोध में पीजीआई की फैकल्टी व रेजिडेंस डाक्टरों ने प्रदर्शन किया। शाम चार बजे करीब 150 डाक्टर डायरेक्टर आफिस के सामने इकट्ठा हुए और विरोध प्रदर्शन किया। उसके बाद कैरो ब्लाक से लेकर एपीसी सेंटर तक मार्च पास्ट किया।
इस मौके पर डाक्टरों ने एक समर्थन लेटर भी लिखा और यूपी के डाक्टरों को भेजा। पीजीआई फैकल्टी एसोसिएशन के प्रधान व प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह ने बताया कि यूपी के डाक्टरों के साथ पुलिस व सपा विधायक ने बहुत ही शर्मनाक काम किया है। वे मरीजों का इलाज कर रहे थे, लेकिन नेताओं ने उनके कामों में दखल अंदाजी की और उनके साथ मार-पिटाई भी की।
डाक्टरों पर लगातार हमले होते आ रहे हैं, लेकिन प्रशासन शांत बैठा है। उन्होंने कहा कि वे यूपी के डाक्टरों की हड़ताल का समर्थन करते हैं। उनकी जायज मांगे हैं। यदि कोई मार-पिटाई करेगा तो डाक्टर कैसे काम करेंगे? ऐसे माहौल में तो कोई भी काम नहीं कर सकेगा। इस मौके पर कई डाक्टर मौजूद रहे थे।
प्राइवेट डाक्टरों की ओपीडी तीन घंटे बंद रही
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर शहर के प्राइवेट डाक्टरों ने प्रदर्शन किया। सेक्टर 35 बी में आईएमए के बिल्डिंग के बाहर डाक्टरों ने अपना गुस्सा जाहिर किया।
उन्होंने कहा कि इस तरह की हरकतें बिल्कुल सहन नहीं की जाएंगी। अपने इंसाफ के लिए यूपी के डाक्टर जो भी कदम उठा रहे हैं वे पूरी तरह से जायज है।
आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डा. नीरज नागपाल ने बताया कि यूपी के डाक्टरों के साथ पूरा भारत के डाक्टर है। वे अकेले नहीं है। आईएमए के आह्वान पर शहर के प्राइवेट डाक्टरों ने सुबह अपनी ओपीडी बंद रखी थी।