समान काम-समान वेतन की मांग के लिए सालों से संघर्ष कर रहे पीजीआई के कांट्रैक्ट लेबर को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के सेंट्रल एडवाइजरी कांट्रैक्ट लेबर बोर्ड ने पीजीआई के ठेके पर तैनात चार जॉब प्रोफाइल का मामला जल्द सुलझाने और उस पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट अगली मीटिंग तक सौंपने के आदेश दिए हैं।
ये आदेश 27 अक्तूबर को हुई मीटिंग के बाद दिए गए हैं। मीटिंग के मिनट हाल ही में पीजीआई के पास पहुंचे हैं।
बोर्ड के इस आदेश से कांट्रैक्ट लेबर के साढ़े तीन हजार कर्मचारियों पर खुशी के भाव हैं। वे कई सालों से समान काम-समान वेतन की मांग कर रहे हैं।
पीजीआई इंप्लाइज यूनियन चंडीगढ़ के चेयरमैन अश्विनी मुंजाल ने बताया कि उनकी बात को श्रम मंत्रालय भी मान रहा है।
यदि पहले ही पीजीआई उनकी बात मान लेती तो इतनी भाग दौड़ नहीं होती और कांट्रैक्ट लेबर को काफी साल पहले ही राहत मिल जाती।
पीजीआई कांट्रैक्ट वर्कर यूनियन के प्रधान संजीव कुमार का कहना है कि 2010 में वे इस मामले को लेबर कोर्ट से जीत चुके हैं। पीजीआई इस फैसले को जल्द से जल्द लागू करे।
कांट्रैक्ट लेबर को नहीं मिलता डीए
पीजीआई में करीब 3500 कर्मचारी कई सालों से ठेके पर लगे हुए हैं जो पक्के कर्मचारियों के बराबर काम करते हैं। उन्हें न तो डीए मिलता है और न ही समय पर बोनस। छुट्टी होने के कारण संडे का वेतन नहीं दिया जाता।
इन कर्मचारियों में सेनेटरी अटेंडेंट, हॉस्पिटल अटेंडडेंट, सिक्योरिटी गार्ड और बीइयर में काम करने वाले शामिल हैं। इसके अलावा पीजीआई में ठेके के तहत सात कैटेगरी काम करती हैं।
इनमें मेडिकल रिकॉर्ड टेक्नीशियन, डाटा एंट्री ऑपरेटर, स्टोर कीपर, डार्क रूम असिस्टेंट, क्लर्क और स्टेनोग्राफर शामिल हैं। इन्हें भी ठेके के तहत रखा गया है, लेकिन इन्हें सभी सुविधाएं दी जा रही है।
इनकी सैलरी भी पक्के कर्मचारियों की तरह दी जा रही है। इस मामले को लेकर पीजीआई इंप्लाइज यूनियन सेंट्रल एडवाइजरी कांट्रैक्ट लेबर बोर्ड के पास पहुंची।
बोर्ड की 65वीं मीटिंग के पास यह मामला पहुंचा था। बोर्ड ने 83वीं मीटिंग में यह आदेश दिया है।
ये लोग शामिल थे दिल्ली की मीटिंग में
पीजीआई इंप्लायज यूनियन चंडीगढ़ के चेयरमैन अश्विनी मुंजाल, सुनील दत्त शर्मा प्रेजिडेंट यूनियन, रविंदर कुमार सैनी जनरल सेक्रेटरी पीजीआई, रमन शर्मा, एक्स मेंबर पीजीआई, संजीव कुमार वर्कर्स यूनियन, चेतन पीएस राव, डिप्टी डायरेक्टर एडमिन पीजीआई, एके गुप्ता, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट पीजीआई, केआर सेजल एडमिन ऑफिसर पीजीआई शामिल थे।