पीजीआई के विस्तार के लिए सारंगपुर में 50 एकड़ जमीन मिलने का रास्ता अब लगभग साफ हो गया है। एडवाइजर मनोज परिदा के प्रयासों से लटके जमीन के मसले को हरी झंडी मिल गई है। पीजीआई प्रबंधन लगातार केंद्र सरकार के सामने जमीन के रेट को लेकर आ रही दिक्कत की बात रख रहा था। एडवाइजर मनोज परिदा की नियुक्ति के बाद प्राथमिकता के आधार पर यूटी प्रशासन ने पीजीआई के विस्तार को लेकर को लेकर प्रयास शुरू कर दिए। अब प्रशासन द्वारा पीजीआई को जल्द ही सारंगपुर में 50 एकड़ जमीन 130 करोड़ में उपलब्ध करा दी जाएगी।
इसका पूरा लेखाजोखा बनाकर एमएचए को भेज दिया गया है। प्रशासन को उम्मीद है कि फरवरी माह में प्रोजेक्ट को रफ्तार मिल जाएगी। इस संदर्भ में एडवाइजर मनोज परिदा का कहना है कि सारंगपुर में पीजीआई के विस्तार का रास्ता लगभग साफ हो चुका है। प्रशासन स्तर पर कई उच्चस्तरीय मीटिंगों के बाद पीजीआई को उचित रेट पर जमीन उपलब्ध कराने का मसौदा तैयार कर लिया गया है। अब प्रशासन पीजीआई को करीब 130 करोड़ रुपये में जमीन उपलब्ध कराएगा। एडवाइजर ने बताया कि यह निर्णय आम लोगों के हित को देखते हुए लिया गया है।
पीजीआई के विस्तार से मरीजों को जल्द इलाज मिलने में सहूलियत होगी। वहीं, पीजीआई में भीड़ नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी। पीजीआई के विस्तार से सबसे बड़ी बात यह है कि बीमार लोगों को समय से बेहतर इलाज मिलेगा। इसे देखते हुए प्रशासन ने सारंगपुर में वाजिब रेट पर पीजीआई को जमीन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि जमीन की फाइल का प्रस्ताव बनाकर भेजा जा चुका है। जल्द ही इसे एमएचए से मंजूरी मिल जाने की उम्मीद है।
ऐसे पीजीआई को मिलेगी जमीन
दरअसल, सारंगपुर में पीजीआई के एक्सपेंशन के लिए 50 एकड़ जमीन आवंटित की जानी है। इसके लिए पीजीआई यूटी प्रशासन को जमीन की कीमत अदा करेगा। सूत्रों की मानें तो जल्द ही पीजीआई को पहले फेज में करीब 20 एकड़ जमीन दी जाएगी। बता दें कि ओपीडी और ट्रामा सेंटर को यहां शिफ्ट किया जाएगा। जमीन के मुआवजे की बात लगभग तय हो चुकी है। पीजीआई का यह प्रोजेक्ट लंबे समय से अटका है।
केंद्रीय मंत्री के सामने भी उठ चुका है रेट का मामला
प्रशासन द्वारा पीजीआई को पहले 20 करोड़ और फिर चार करोड़ रुपये प्रति एकड़ के रेट पर जमीन देने की बात कही जा रही थी लेकिन रेट अधिक होने के चलते मामला अधर में लटका रहा। जानकारी के मुताबिक अब प्रशासन पीजीआई के विस्तार के लिए सारंगपुर में लगभग 2.50 करोड़ रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से जमीन अलॉट की है। इस हिसाब से पीजीआई को अब तकरीबन 130 करोड़ रुपये में जमीन मिल जाएगी। इस मुद्दे को कई बार पीजीआई प्रबंधन ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के समक्ष भी उठाया है। बता दें कि पीजीआई में न्यू ओपीडी, एडवांस कैंसर सेंटर और ट्रामा सेंटर यहीं बनना है।
एक्सपेंशन प्लान पर खर्च होंगे 1200 करोड़
सारंगपुर में पीजीआई के एक्सपेंशन प्लान पर करीब 1200 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पीजीआई ने जो प्लान तैयार किया है, उसके मुताबिक ओपीडी स्क्त्रस्ीनिंग के निर्माण पर 300 करोड़ रुपये पहले फेज में खर्च होंगे। दूसरे फेज में ट्रामा और ओंकोलॉजी सेंटर पर 400 करोड़ और तीसरे फेज में लर्निंग एंड रिर्सोस सेंटर बनाया जाएगा। चौथे और अंतिम फेज में सारंगपुर में कन्वेंशन सेंटर बनाया जाएगा।
सारंगपुर में होने वाले पीजीआई के एक्सपेंशन प्लान में सबसे पहले ओपीडी बनेगी। पीजीआई प्रशासन सारंगपुर में होने वाली एक्सपेंशन में ओपीडी, इमरजेंसी और ट्रॉमा सेंटर को शिफ्ट करने का प्लान है, लेकिन अब पीजीआई ने सारंगपुर में सबसे पहले ओपीडी को शिफ्ट करने का प्लान बनाया है। पीजीआई सारंगपुर में बनने वाली नई ओपीडी का नक्शा और बजट एस्टीमेट तैयार कर स्वास्थ्य मंत्रालय को भेजा जा चुका है।