पीजीआई न्यू ओपीडी बिल्डिंग में बनाए गए आयुष्मान काउंटर पर बुधवार को इक्का-दुक्का मरीज ही नजर आए। जबकि सामान्य दिनों में वहां योजना के अंतर्गत इलाज के लिए आने वाले मरीजों की लंबी कतार नजर आती थी। कर्मचारियों का कहना है कि वहां सबसे ज्यादा कीमो कराने वाले मरीज आते हैं। क्योंकि निजी अस्पतालों में कीमो कराने का शुल्क काफी ज्यादा है।
वहीं कीमो कराने आए पंजाब के एक मरीज ने बताया कि उसे 21 दिन में कीमो कराना होता है, जो पीजीआई में काफी सस्ते दर पर हो जाता है। अब इसके लिए उन्हें निजी अस्पताल में 3000 से 4000 रुपये खर्च करने पड़ेंगे।
छह महीने से उधार पर हो रहा था इलाज
पंजाब सरकार ने छह महीने से अधिक समय पहले चंडीगढ़ को आयुष्मान भारत योजना का भुगतान रोक दिया था। सबसे पहले जीएमसीएच- 32 और अब पीजीआई ने पंजाब के मरीजों का इलाज बंद कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, पंजाब सरकार पर योजना के तहत प्रतिपूर्ति के रूप में जीएमसीएच- 32 का अब तक दो करोड़ रुपये से अधिक बकाया है।
पीजीआई का 16 करोड़ रुपये बकाया है। हालांकि, पीजीआई ने अभी तक पंजाब के मरीजों के लिए इस योजना के तहत इलाज बंद करने का लिखित आदेश जारी नहीं किया है। फिर भी दो दिनों से पंजाब के किसी नए मरीज को पीजीआई में भर्ती नहीं किया गया है।
कहा से लाए इलाज का खर्च
जीएमएसएच 16 के चिकित्सा अधीक्षक व संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य डॉ वीके नागपाल ने बताया कि पंजाब सरकार ने इस योजना के तहत लगभग 40 लाख परिवारों को नामांकित किया था। केंद्र यूटी को 100 प्रतिशत भुगतान प्रदान करता है। लागत विभाजन केंद्र द्वारा 60 प्रतिशत और राज्य द्वारा 40 प्रतिशत के अनुपात में होता है।
राज्यों को केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए डेटाबेस के अलावा इस योजना के तहत जितने चाहें उतने लोगों को जोड़ने की अनुमति है। हालांकि, नए लोगों के इलाज का खर्च राज्य को वहन करना होगा। कई अनुरोधों के बावजूद, हमें पंजाब सरकार से पैसा नहीं मिला है। पंजाब से इस योजना के तहत मरीजों का इलाज जारी रखना हमारे लिए कठिन हो रहा था। इसलिए योजना के तहत पंजाब के मरीजों की नियमित सर्जरी व इलाज बंद कर दिया गया है।
आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार पंजाब सरकार पर आयुष्मान योजना के तहत 16 करोड़ का बकाया है। इसमें 2021 से अब तक के मरीजों के इलाज पर आया खर्च शामिल है। पीजीआई प्रशासन ने पंजाब सरकार को योजना के लाभार्थियों को प्रदान किए गए उपचार के संबंध में लंबित राशि का भुगतान करने के लिए कई बार कहा है लेकिन उस पर अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है। पीजीआई में प्रतिमाह पंजाब के 1200 से 1400 लाभार्थियों का आयुष्मान योजना के अंतर्गत इलाज होता है। कुमार गौरव, डीडीए व पीजीआई प्रवक्ता ।