रोबोटिक सर्जरी जहां पूरे देश में रोज नए मिसाल कायम कर रही है, वहीं पीजीआई चंडीगढ़ की रोबोटिक सर्जरी पिछले चार महीने से ठप पड़ी है। इससे यूरोलॉजी व अन्य डिपार्टमेंट के मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। 70 से ज्यादा सर्जरी पेंडिंग पड़ी हैं। उनके आपरेशन का नंबर कब आएगा, इस बारे में पीजीआई के डॉक्टर भी सही तारीख नहीं बता पा रहे।
पीजीआई की ओर से बताया गया है कि रोबोटिक सर्जरी में इस्तेमाल किए जाने वाले कुछ उपकरण खत्म हो गए थे। ये उपकरण यूएसए से मंगवाए जाते हैं। इस वजह से वक्त लग गया है। पीजीआई के सूत्रों ने बताया कि मार्च की शुरुआत में ही रोबोटिक सर्जरी ठप हो गई थी। बताया जा रहा है हर दस सर्जरी के बाद एक इलेक्ट्रानिक सीड बदली जाती है, जिसका काम रोबोट को संदेश देना होता है।
इसकी मदद से रोबोट में मैसेज जाते हैं और वह उसी के मुताबिक काम करता है। यह डिस्पोजल उपकरण ही यूएसए से आना था। जब रोबोट को संदेश ही नहीं पहुंचेगा तो वह किस काम का होगा, इसलिए रोबोटिक सर्जरी ठप पड़ी हुई है।
पूरे देश में सप्लाई, सिर्फ पीजीआई को नहीं
पीजीआई से जुड़े सूत्रों ने बताया है कि यूएसए की कंपनी वट्टीकुट्टी टेक्नोलॉजिस्ट ही रोबोटिक सर्जरी से जुड़े सामान की सप्लाई पूरे देश में करता है। दो दिन पहले लखनऊ पीजीआई में रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत की गई। इसी तरह से देश के अन्य एम्स में भी रोबोटिक सर्जरी चालू है। यहां पर वट्टीकुट्टी कंपनी उपकरण की सप्लाई करती है।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि कंपनी को पीजीआई में उपकरण देने में क्या दिक्कत आ रही है। इस बारे में जब यूरोलाजी के एचओडी प्रो. एके मंडल से बात करने की कोशिश की गई तो पता चला कि वे समर वीकेशन पर हैं और उनका मोबाइल स्विच ऑफ है। पीजीआई में इस समय समर वीकेशन चल रहा है। इसकी वजह से कई डॉक्टर छुट्टी पर हैं। पीजीआई प्रवक्ता भी इस बात का जवाब नहीं दे पाईं।
ऑपरेशन की वेटिंग लिस्ट इसलिए बढ़ रही
रोबोटिक सर्जरी के ठप होने से करीब 80 मरीजों के आपरेशन पेंडिंग पड़े हैं। इसकी एक वजह यह भी है कि इस समय पीजीआई में समर वीकेशन चल रहा है। अधिकतर डॉक्टर छुट्टी पर चल रहे हैं। यदि रोबोटिक सर्जरी में आपरेशन टलते तो उनका आपरेशन ओटी में किया जा सकता है, लेकिन डॉक्टरों के छुट्टी पर चले जाने से यह आपरेशन का इंतजार बढ़ता जा रहा है। डॉक्टरों का समर वीकेशन 15 मई से 15 जुलाई तक रहेगा।
रोबोटिक सर्जरी के फायदे
- दुर्लभ आपरेशन करने में आसानी होती है
- रोबोटिक की मदद से पेशेंट का खून कम बहता है
- आपरेशन के बाद मरीज को छुट्टी जल्दी मिलती है
- मरीज को इंफेक्शन का खतरा कम रहता है
- प्राइवेट के मुकाबले खर्चा बहुत कम आता है
रोबोटिक सर्जरी के दौरान इस्तेमाल होने वाला उपकरण यहां नहीं मिलता है। उसे यूएसए से मंगवाना पड़ता है, इसलिए समय लग रहा है। पूरी कोशिश है कि उपकरण को जल्द से जल्द पीजीआई पहुंचे।
- मंजू वडवालकर, प्रवक्ता पीजीआई