ड्रग्स के आदी अब अपनी पत्नियों और बच्चियों पर भी अत्याचार कर रहे हैं। इसका खुलासा पीजीआई की एक स्टडी में हुआ है। स्टडी बताती है कि करीब 42.33 प्रतिशत महिलाएं अपने ड्रग एडिक्ट पति से रोजाना प्रताड़ित होती हैं।
ड्रग्स का सेवन करने के बाद पुरुष हिंसक हो जाते हैं और अपनी पत्नी व बच्चों के साथ मारपीट करते हैं। यहां तक वे छोटी-छोटी बच्चियों का शोषण भी करते हैं। बीते महीने पटियाला से ऐसा ही एक केस सामने आया था।
इसमें ड्रग्स लेने के बाद एक पिता ने अपने छोटी बच्ची से रेप की कोशिश की थी। विशेषज्ञ बताते हैं कि बच्चियों के यौन शोषण की बात सामने आ रही है, लेकिन इसका कोई डाटा उपलब्ध नहीं है और न ही इस संबंध में कोई स्टडी की गई है।
रिसर्च सिर्फ एल्कोहल तक ही सीमित
पीजीआई के मुताबिक अब तक इंटीमेट पार्टनर वाइलेंस की रिसर्च सिर्फ एल्कोहल तक ही सीमित थी, लेकिन ड्रग्स एब्यूस से संबंधित स्टडी नहीं हुई थी।
इसका मकसद सिर्फ इतना जानना था कि ड्रग्स लेने के बाद पुरुष अपने अंतरंग मित्रों के साथ कैसा व्यवहार करते हैं।
यह स्टडी नार्थ इंडिया के डी-एडिक्शन सेंटरों में एक साल के भीतर आने वाली महिलाओं पर आधारित है। इसके लिए एक विशेष प्रकार के प्रश्न तैयार किए गए थे।
बड़ी उम्र के पति ज्यादा हिंसक
पीजीआई की स्टडी में सामने आया है कि करीब 55 प्रतिशत महिलाएं घरेलू हिंसा की शिकार होती हैं। 63.19 प्रतिशत महिलाएं अपने शराबी पति से प्रताड़ित होती हैं, जबकि 42.33 प्रतिशत महिलाएं ड्रग्स एडिक्ट पतियों से वाइलेंट का शिकार हैं।
स्टडी में यह भी सामने आया है कि जिन व्यक्तियों की उम्र ज्यादा है, वे अपनी पत्नियों को ज्यादा मारते-पीटते हैं। ये कम पढ़े-लिखे हैं और बेरोजगारी का रेशो भी काफी अधिक है। ज्यादा विस्तार पर जाने से पता चला है कि इनमें अधिकतर प्रभावित लोग न्यूक्लियर फैमिली से संबंध रखते हैं।
ये की गई सिफारिश
स्टडी इस बात को साबित करती है कि एल्कोहल व ड्रग्स एडिक्ट अपने पत्नियों के साथ मारपीट करते हैं। एल्कोहल के आदी कुछ ज्यादा करते हैं तो ड्रग्स के आदी कुछ कम।
स्टडी ने सिफारिश की है कि पार्टनर वाइलेंस के हिस्से को ड्रग्स छुड़ाने के मैनेजमेंट में शामिल करना होगा। इस हिस्से को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।