सारंगपुर प्रोजेक्ट के लिए शुक्रवार को प्रशासन ने पीजीआई को 50.76 एकड़ जमीन का पजेशन दे दिया। अब पीजीआई प्रशासन को इस योजना से संबंधित यूटी के मास्टर प्लान का इंतजार है, क्योंकि उसके बाद ही यह तय होगा कि पीजीआई द्वारा प्रस्तावित कार्य योजना में से वहां किसका क्रियान्वयन किया जा सकता है। हालांकि पीजीआई प्रशासन रेफ रल सेंटर होने के कारण ट्रामा सेंटर को सारंगपुर में शिफ्ट करना चाहता है। इसके अलावा भी आधा दर्जन से ज्यादा प्रस्तावित रूपरेखा तैयार की गई है।
पीजीआई में तेजी से बढ़ रहे मरीजों के दबाव को देखते हुए सारंगपुर में विस्तारीकरण की योजना को स्वीकृति दी गई है। इसमें 1200 करोड़ रुपये की लागत से अलग-अलग फेज में निर्माण कार्य किया जाएगा। पीजीआई प्रशासन सबसे पहले ओपीडी में दबाव कम करने का प्रयास कर रहा है। इसलिए इस योजना के क्रियान्यवन पर ओपीडी के नये मरीजों के पंजीकरण व परामर्श की व्यवस्था सारंगपुर में करने की तैयारी है लेकिन फॉलोअप के मरीजों को पीजीआई में ही देखा जाएगा। गौरतलब है कि पीजीआई की ओपीडी में इलाज के लिए आने वाले मरीजों की संख्या 25 से 28 लाख के करीब पहुंच चुकी है।
सारंगपुर की प्रस्तावित कार्य योजना में ये हैं शामिल
- ट्रामा सेंटर वहां शिफ्ट कर पीजीआई की इमरजेंसी का विस्तारीकरण किया जाना
- वहां हेपेटॉलजी और गैस्ट्रोइंटरोलॉजी का विश्वस्तरीय यूनिट स्थापित करना
- पीजीआई ओपीडी के नए मरीजों का पंजीकरण वहां करना
- लर्निंग रिसोर्स सेंटर का निर्माण
- रीजनल कैंसर सेंटर का निर्माण
- ब्लड ट्रांसफ्यूजन सेंटर का निर्माण
- मरीजों के परिजनों के लिए सराय व डॉक्टर और कर्मचारियों के लिए हॉस्टल
पीजीआई में 2019 में देखे गए इतने मरीज
- राज्य मरीज
- पंजाब 10,87,420
- चंडीगढ़ 5,46,468
- हरियाणा 5,41,764
- हिमाचल प्रदेश 3,59,273
- उत्तर प्रदेश 1,33,554
- जम्मू कश्मीर 74131
- अन्य राज्य 91970