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बड़ी राहतः पीजीआई शुरू करेगा यूरोलॉजी कैंसर ओपीडी, पहली बार एक साथ बैठेंगे तीन एक्सपर्ट

Tue, 02 Jul 2019 10:38 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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फाइल फोटो
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पीजीआई चंडीगढ़ का यूरोलॉजी डिपार्टमेंट कैंसर मरीजों के लिए नई ओपीडी शुरू करने जा रहा है। इसमें किडनी, गॉल ब्लैडर व प्रोस्टेट कैंसर से पीड़ित मरीजों को देखा जाएगा। इस ओपीडी की खासियत यह होगी कि इनमें एक साथ तीन स्पेशलिस्ट बैठेंगे, जिनमें यूरोलॉजिस्ट, मेडिकल आंकोलॉजिस्ट और रेडियोथैरेपिस्ट शामिल होंगे। यह पहली बार होगा कि कैंसर के मरीजों के इलाज के लिए एक साथ तीन स्पेशलिस्ट बैठेंगे। पहले मरीजों को इलाज के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता था।
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पीजीआई प्रशासन के मुताबिक, इस नई ओपीडी की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। न्यू ओपीडी में तीसरे फ्लोर पर रूम नंबर 3113 भी अलॉट कर दिया गया है। संभव है कि 22 जुलाई को न्यू ओपीडी में इसकी ओपनिंग हो जाए। यह ओपीडी दोपहर दो बजे से हर सोमवार को होगी। यूरोलॉजी डिपार्टमेंट के एचओडी डॉ. एके मंडल का कहना है कि यह ओपीडी मरीजों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगी। उन्हें एक डिपार्टमेंट से दूसरे डिपार्टमेंट नहीं जाना पड़ेगा। एक ही छत के नीचे सब कुछ हो जाएगा।

इसके लिए पीजीआई प्रशासन ने स्वीकृति भी दे दी है। दरअसल किडनी, गाल ब्लैडर और प्रोस्टेट कैंसर के मरीज को पहले यूरोलॉजी डिपार्टमेंट में जाना पड़ता है। वहां पर प्राथमिक इन्वेस्टीगेशन के बाद मरीज को रेडियोथैरेपिस्ट और आंकोलॉजिस्ट के पास रेफर किया जाता है। वहां पर मरीज को फिर से लाइन में लगकर रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ता है। इससे समय काफी बर्बाद होता है और मरीज को लंबा इंतजार करना पड़ता है। इससे मरीज परेशान होता है और बीमारी भी बढ़ जाती है।
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इसके अतिरिक्त जब मरीज इन डिपार्टमेंट में जाता है तो जो यूरोलॉजी सोच रहा होता है, कई बार रेडियोथैरेपिस्ट उस बात को पकड़ नहीं पाते। जब यह ओपीडी खुल जाएगी तो तीनों एक साथ बैठकर सोच पाएंगे कि मरीज का ट्रीटमेंट क्या करना है? ऐसे में इन मरीजों के लिए यह ओपीडी काफी उपयोगी साबित होगी।
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नई ओपीडी में इन मरीजों का होगा इलाज

इस ओपीडी में पेशाब की नली से संबंधित जुड़े अंगों में होने वाले कैंसर आते हैं। इनमें प्रमुख रूप से प्रोस्टेट कैंसर, टेस्टीकुलर कैंसर, पिनाइल कैंसर, गाल ब्लैडर कैंसर, किडनी कैंसर सहित अन्य मरीज शामिल होते हैं। यह काफी कॉमन बीमारी है। 60 साल के ऊपर अधिकतर लोगों को इन बीमारियों से जूझना पड़ता है। इसमें महिलाएं भी शामिल हैं। नई कैंसर ओपीडी खुलने से इन्हें राहत जरूर मिलेगी।

पीजीआई में यूरोलॉजी के मरीजों का लेखा-जोखा
पीजीआई के रिकार्ड के मुताबिक, साल 2018 में यूरोलॉजी के कुल 4404 मरीज वार्ड में दाखिल हुए। इनमें 3448 पुरुष और 956 महिलाएं शामिल थीं। इनमें 4355 मरीजों को छुट्टी दे दी गई, जबकि 30 मरीजों की मौत हो गई। ओपीडी में 74113 मरीजों को देखा गया। इनमें 24022 नए मरीज थे, जबकि 50091 पुराने मरीज शामिल थे। इस हिसाब से पीजीआई में यूरोलॉजी के मरीजों का बोझ अच्छा खासा है।
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