पीजीआई चंडीगढ़ का यूरोलॉजी डिपार्टमेंट कैंसर मरीजों के लिए नई ओपीडी शुरू करने जा रहा है। इसमें किडनी, गॉल ब्लैडर व प्रोस्टेट कैंसर से पीड़ित मरीजों को देखा जाएगा। इस ओपीडी की खासियत यह होगी कि इनमें एक साथ तीन स्पेशलिस्ट बैठेंगे, जिनमें यूरोलॉजिस्ट, मेडिकल आंकोलॉजिस्ट और रेडियोथैरेपिस्ट शामिल होंगे। यह पहली बार होगा कि कैंसर के मरीजों के इलाज के लिए एक साथ तीन स्पेशलिस्ट बैठेंगे। पहले मरीजों को इलाज के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता था।
पीजीआई प्रशासन के मुताबिक, इस नई ओपीडी की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। न्यू ओपीडी में तीसरे फ्लोर पर रूम नंबर 3113 भी अलॉट कर दिया गया है। संभव है कि 22 जुलाई को न्यू ओपीडी में इसकी ओपनिंग हो जाए। यह ओपीडी दोपहर दो बजे से हर सोमवार को होगी। यूरोलॉजी डिपार्टमेंट के एचओडी डॉ. एके मंडल का कहना है कि यह ओपीडी मरीजों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगी। उन्हें एक डिपार्टमेंट से दूसरे डिपार्टमेंट नहीं जाना पड़ेगा। एक ही छत के नीचे सब कुछ हो जाएगा।
इसके लिए पीजीआई प्रशासन ने स्वीकृति भी दे दी है। दरअसल किडनी, गाल ब्लैडर और प्रोस्टेट कैंसर के मरीज को पहले यूरोलॉजी डिपार्टमेंट में जाना पड़ता है। वहां पर प्राथमिक इन्वेस्टीगेशन के बाद मरीज को रेडियोथैरेपिस्ट और आंकोलॉजिस्ट के पास रेफर किया जाता है। वहां पर मरीज को फिर से लाइन में लगकर रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ता है। इससे समय काफी बर्बाद होता है और मरीज को लंबा इंतजार करना पड़ता है। इससे मरीज परेशान होता है और बीमारी भी बढ़ जाती है।
इसके अतिरिक्त जब मरीज इन डिपार्टमेंट में जाता है तो जो यूरोलॉजी सोच रहा होता है, कई बार रेडियोथैरेपिस्ट उस बात को पकड़ नहीं पाते। जब यह ओपीडी खुल जाएगी तो तीनों एक साथ बैठकर सोच पाएंगे कि मरीज का ट्रीटमेंट क्या करना है? ऐसे में इन मरीजों के लिए यह ओपीडी काफी उपयोगी साबित होगी।