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1100 करोड़ के फेर में लटका पीजीआई का विस्तार, सारंगपुर में जमीन के लिए चाहिए रकम

Thu, 19 Jul 2018 09:40 AM IST
अनुभव अवस्थी, अमर उजाला, चंडीगढ़
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पीजीआई
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पीजीआई चंडीगढ़ में लगातार बढ़ती जा रही मरीजों की संख्या अस्पताल प्रशासन के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। पीजीआई में मरीजों के दबाव को कम करने के लिए सारंगपुर में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैश एक नवीन सेंटर का निर्माण होना है।
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यहां उपलब्ध जमीन के लिए यूटी प्रशासन ने पीजीआई से 1100 करोड़ रुपये की डिमांड की है लेकिन अस्पताल प्रशासन इतनी बड़ी रकम देने में समर्थ नहीं है। ऐसे में इस योजना का काम अधर में लटका हुआ है। यूटी प्रशासन के इस बर्ताव के चलते आने वाले समय में पीजीआई में मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। 

पीजीआई में आने वाले मरीजों की संख्या बीते पांच सालों से निरंतर बढ़ती जा है। अस्पताल में मरीजों के दबाव को कम करने के लिए पीजीआई के निकट सांरगपुर में आधुनिक सुविधाओं से लैस एक नए सेंटर का निर्माण प्रस्तावित है। यह अत्याधुनिक सेंटर करीब 50 एकड़ जमीन पर बनाया जाना है। इसका निर्माण पूरा होने जाने के बाद पीजीआई पर मरीजों का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा।
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इसको ध्यान में रखते हुए अस्पताल प्रशासन ने चंडीगढ़ प्रशासन से 50 एकड़ जमीन की मांग की है लेकिन लंबी जद्दोजहद के बाद भी यह जमीन अब तक अस्पताल को मिल नहीं पाई है। इसकी प्रमुख वजह है कि जिस जमीन पर यह सेंटर बनना है, वह जमीन चंडीगढ़ प्रशासन पीजीआई को मुहैया कराएगा और उक्त जमीन के लिए चंडीगढ़ प्रशासन पीजीआई प्रशासन से 1100  करोड़ रुपये की मांग कर रहा है।

दोनों पक्षों में नहीं बन रही बात
इतनी बड़ी रकम देने में पीजीआई समर्थ नहीं है। यह जानकारी पहले ही यूटी प्रशासन को दी जा चुकी है लेकिन यूटी प्रशासन इससे कम पर जमीन देने को तैयार नहीं है। दोनों पक्षों में जमीन की देनदारी की बात नहीं बन पाने के चलते अभी तक सेंटर का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। जानकारों की मानें तो अगर जल्द ही नए सेंटर का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो आने वाले समय में मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

पीजीआई विस्तार से हल हो जाएंगी समस्याएं
पीजीआई में मरीजों का बोझ बढ़ने से कई तरह की समस्याएं सामने आ रही हैं। मरीजों को एक तो क्वालिटी इलाज नहीं मिल पा रहा है। वहीं, वाहनों की पार्किंग की समस्या भी बढ़ गई है। मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। इन समस्याओं से मरीजों को बचाने के लिए सारंगपुर में पीजीआई का विस्तार होना है। जानकारों की मानें तो इससे काफी समस्याएं हल जाएंगी लेकिन यूटी प्रशासन की उदासीनता के चलते जमीन नहीं मिल पा रही है। 
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पिछले 5 साल में बढ़ी 33 प्रतिशत ओपीडी
साल      मरीजों की संख्या
2012   1854163
2013   1936918
2014   2112129
2015   2260301
2016   2418876
2017   268450

बीते पांच साल में ट्रॉमा सेंटर में बढ़े 50 फीसदी मरीज
साल     मरीजों की संख्या
2011        33336
2012        35381
2013        37103
2014        39126
2015        40580
2016        44579
2017        48754

इन राज्यों से आए इतने मरीज
पंजाब- 9.9 लाख 
चंडीगढ़- 5.44 लाख
हरियाणा- 5.13 लाख 
हिमाचल- 3.22 लाख
उत्तर प्रदेश- 1.12 लाख
जम्मू कश्मीर- 48 हजार
उत्तराखंड- 30 हजार
अन्य राज्य- 67 हजार
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