12वीं के छात्र का पीजी से अपहरण कर परिजनों से दो करोड़ की फिरौती मांगने का मामला सामने आया है। छात्र किसी तरह उनके चंगुल से छूट कर निकल भागा और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
उसके शरीर पर धारदार हथियारों से चोट और मारपीट के निशान हैं। पुलिस ने छात्र के पड़ोस में रहने वाले युवक और दो अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
पुलिस में दी शिकायत के अनुसार रजतपाल (18) सेक्टर-21सी में बतौर पीजी रहता है। वह मोहाली के एक निजी स्कूल से 12वीं की पढ़ाई कर रहा है और मूलरूप से हरियाणा के हिसार जिले के गांव डिंगरोड का रहने वाला है।
सेक्टर-19 थाने को दी शिकायत में उसने कहा कि उसे पीजी के पास ही रहने वाले रोहित शर्मा व उसके दो साथी 2 फरवरी को गाड़ी में बिठाकर पहले अरोमा होटल ले गए। वहां से वह उसे खरड़ की ओर लेकर जाने लगे। उसने उनसे कई बार पूछा कि कहां ले जा रहे हैं तो कुछ नहीं बताया। इस पर उसे अहसास हुआ कि उसका अपहरण कर लिया गया है।
रजतपाल के मुताबिक इसके बाद उसने किसी बहाने गाड़ी रुकवाई और भागने की कोशिश की। इस पर आरोपियों ने उसे मारना पीटना शुरू कर दिया। इसी दौरान उस पर चाकू से हमला भी किया। इससे उसे कई जगह चोटें आईं। छात्र के मुताबिक रोहित और उसके साथी उसको बठिंडा की रामा मंडी ले गए।
वहां तीनों ने उसे ट्यूबवेल पर रस्सी से हाथ-पैर बांध दिया। मुंह भी कपड़े से बांध दिया। इसी दौरान आरोपियों ने हिसार में उसके पिता को फोन कर अपहरण की सूचना दी और उसकी सलामती के नाम पर उनसे 2 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी। रजतपाल के अनुसार आरोपियों ने उसे बताया कि उसके पिता ने पैसे का इंतजाम करने के लिए थोड़ा वक्त मांगा है। इसके बाद आरोपियों ने उसे पूरी रात ट्यूबवेल पर ही बांधकर रखा।
अगल दिन दोपहर में रजत किसी तरह उनके वहां से भाग निकलने में सफल रहा। वहां से वह स्थानीय लोगों से मदद से किसी तरह चंडीगढ़ पहुंचा और पुलिस को पूरे घटनाक्रम की सूचना दी।
पुलिस ने शिकायत की दो दिन तक जांच करने के बाद रोहित शर्मा, गगनदीप सिंह और गुरविंदर सिंह के खिलाफ अपहरण, आपराधिक साजिश रचने की धाराओं में केस दर्ज किया।
वहीं, मामले में एएसपी (ईस्ट) गुरइकबाल सिंह सिद्धु का कहना है कि अपहरण का मामला आया है और जांच की जा रही है। आरोपियों की तलाश जारी है।