चंडीगढ़। सेक्टर-32 के पीजी में लगी आग मामले में जिला अदालत ने आरोपी नितेश बंसल की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। नितेश बंसल ने याचिका में उल्लेख किया था कि उन्हें मामले में झूठा फंसाया जा रहा है। उनकी इस मामले में कोई भूमिका नहीं है। उन पर पहले भी कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। उसने याचिका में कहा कि वह लगभग 6 महीने से जेल में है। इस दौरान पुलिस ने अपनी जांच पूरी किए बिना ही चार्जशीट फाइल कर दी, इसलिए उसे जमानत दी जानी चाहिए। इस पर पुलिस ने कहा कि प्रॉपर्टी मालिक गौरव अनेजा ने बिल्ड़िंग नितेश बंसल और नितिश पोपली को किराए पर दी थी।
उन्होंने कहा कि नितेश बंसल से नितिश पोपली का सितंबर 2019 में समझौता टूट गया था। इसलिए अब नितेश बंसल इस मामले मेें अकेला आरोपी रहता है। पुलिस ने कहा कि वह जांच में बाधा डाल सकता है, इसलिए आरोपी की जमानत याचिका को खारिज किया जाए। बता दें कि बीते फरवरी महीने में सेक्टर-32 के एक पीजी में शॉर्ट-सर्किट से आग लग गई थी। इसमें तीन लड़कियों की जान चली गई थी। इसके बाद पुलिस ने प्रॉपर्टी मालिक गौरव अनेजा, पीजी मालिक नितेश बंसल और नितिश पोपली को गिरफ्तार कर मामला दर्ज किया था। जांच के बाद पुलिस ने गौरव की पत्नी कशिश अनेजा और मां कमलेश अनेजा को भी आरोपी माना था क्योंकि दोनों प्रॉपर्टी की बराबर हिस्सेदार थीं। हालांकि दोनों को अग्रिम जमानत मिल चुकी है। आरोपी नितेश बंसल ने निचली अदालत में भी जमानत याचिका दायर की थी जिसे खारिज कर दिया गया था।