सीबीआई अदालत ने सोमवार को 60 हजार करोड़ के पर्ल्स पोंजी घोटाले के तीन आरोपियों की याचिका खारिज कर दी है। आरोपियों ने देशभर के करोड़ों निवेशकों से जमीन में निवेश करने के नाम पर साठ हजार करोड़ की धोखाधड़ी की थी। इस मामले में आरोपी पुनीत शर्मा, गुरनाम सिंह और दालिप कौर ने अदालत में याचिका लगाकर उनके खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर का पूरा रिकॉर्ड मांगा था।
अदालत में सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय के वकील सुनील नारंग ने दलील दी कि इस मामले में ईडी ने कहीं और कोई एफआईआर दर्ज नहीं की है। उन्होंने कहा कि इस याचिका को लगाने का कोई मतलब ही नहीं बनता है। अदालत ने दलीलें सुनने के बाद आरोपियों की याचिका को खारिज कर दिया।
सीबीआई ने 2021 में हुए 60 हजार करोड़ के पर्ल्स पोंजी घोटाले में पर्ल्स समूह के कर्मचारियों चंदर भूषण ढिल्लों, प्रेम सेठ, मनमोहन कमल महाजन, मोहनलाल सहजपाल, कंवलजीत सिंह तूर को गिरफ्तार किया था। इनके अलावा दिल्ली, चंडीगढ़ और कोलकाता के व्यवसायी प्रवीण कुमार अग्रवाल, मनोज कुमार जैन, आकाश अग्रवाल, अनिल कुमार खेमका, सुभाष अग्रवाल और राजेश को भी गिरफ्तार किया गया था।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हुआ था मामला दर्ज
सीबीआई ने पर्ल्स ग्रुप के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर एफआईआर दर्ज की थी। इसमें देशभर के लगभग पांच करोड़ निवेशकों से विभिन्न निवेश योजनाओं को अवैध रूप से संचालित कर लगभग 60 हजार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई थी। आरोपियों ने निवेशकों को लुभाने के लिए कहा था कि इस जमीन में निवेश करने से उन्हें 12.5 फीसदी का ब्याज मिलेगा। आरोपियों ने निवेशकों से यह भी वादा किया था कि वे जो जमीन खरीद रहे हैं उसका मूल्य तेजी से बढ़ेगा।