लॉरेंस बिश्नोई की याचिका खारिज होने के बाद सुरक्षा के लिए गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया और अमित डागर द्वारा दाखिल याचिका पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। हाईकोर्ट ने कहा कि जग्गू भगवानपुरिया दिल्ली जेल में है ऐसे में वह पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। अमित डागर बठिंडा जेल में है, ऐसे में हाईकोर्ट ने उसे ट्रायल कोर्ट के समक्ष अपनी मांग रखने का आदेश दिया है।
जेल में बंद जग्गू भगवानपुरिया की मां ने एडवोकेट मनदीप कौशिक के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए बेटे की सुरक्षा के लिए गुहार लगाई है। याचिका में अपील की गई है कि अगर जग्गू भगवानपुरिया को पूछताछ के लिए जेल से बाहर लाया जाए तो उसे बुलेट प्रूफ जैकेट पहनाकर बुलेट प्रूफ कार में ही लाया जाए।
याची ने कहा कि उसके बेटे के विरोधी गैंगस्टर उस पर हमला कर सकते हैं। इस संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि पंजाब पुलिस भगवानपुरिया का एनकाउंटर कर दे। याची ने कहा कि विक्की मिड्डूखेड़ा की हत्या के मामले में जब पुलिस को कामयाबी नहीं मिली तो याची के बेटे को इस मामले में फंसा दिया गया था। याची ने बताया कि उसके बेटे पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें वह जल्द ही बरी हो जाएगा। उसका बेटा जांच में शामिल होने को तैयार है।
गत वर्ष युवा अकाली नेता विक्की मिड्डूखेड़ा की हत्या के आरोपी गैंगस्टर अमित कुमार डागर ने भी हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर सुरक्षा की गुहार लगाई है। अमित इस समय जेल में है और उस पर 20 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। अमित डागर ने याचिका में अपील की है कि उसे जेल से बाहर जांच के लिए या अदालत में पेश करने ले जाते समय बुलेट प्रूफ जैकेट और बुलेट प्रूफ वाहन का इस्तेमाल करने का पंजाब सरकार को आदेश दिया जाए। इसके साथ ही जेल में उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश जारी करने की भी हाईकोर्ट से अपील की है।