पंजाब में सरकारी स्तर से सोलर एनर्जी के जरिये बिजली उत्पादन के प्रोजेक्ट शुरू न करने के कारण पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिका दायर करने वाले 281 किसानों ने सरकार पर आरोप लगाया है कि इस मामले में उनसे 15 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई है।
दरअसल केंद्र सरकार ने साल 2022 तक देश में 1000 मेगावाट बिजली का उत्पादन सौर ऊर्जा उपकरणों के जरिये करने क ी योजना बनाई थी। इसके तहत साढ़े चार एकड़ तक की जमीन के मालिक यह प्रोजेक्ट लगाकर बिजली उत्पादन कर सकते थे। प्रोजेक्ट की कीमत छह करोड़ थी।
इसके लिए सरकार ने 50 हजार रुपये आवेदन फीस और दो करोड़ रुपये प्रोसेसिंग फीस तय की गई थी। इसी के तहत पंजाब के 281 किसानों ने अपनी पूंजी लगाकर सोलर प्रोजेक्ट के लिए आवेदन किया था, लेकिन अभी तक उन्हें इसका कोई लाभ नहीं मिल सका है।
हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि अभी तक इस प्रोजेक्ट के टेंडर भी जारी नहीं किए गए। वजह यह है कि सरकार टेंडर जारी करने से इनकार कर रही है। किसानों ने सरकार पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है।