करनाल में प्रदर्शन कर रहे किसानों के सिर फोड़ने का आदेश देने वाले अधिकारी आयुष सिन्हा के मामले में हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज से जांच करवाने की मांग को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। करनाल के मुनीश लाठर व चार अन्य ने एडवोकेट नवकिरण सिंह के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर बताया कि करनाल के एसडीएम आयुष सिन्हा ने प्रदर्शनकारियों के सिर फोड़ने का पुलिस को आदेश दिया था। इस प्रकार का आदेश जारी करना सीधे तौर पर किसानों के संवैधानिक और मौलिक अधिकारों का हनन है।
एसडीएम के आदेश के बाद किसानों पर लाठीचार्ज किया गया जिसमें कई किसान गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। ऐसे में दोषी अधिकारी एसडीएम आयुष सिन्हा, डीएसपी वरिंदर सैनी और इंस्पेक्टर हरजिंदर सिंह के खिलाफ हाईकोर्ट के किसी सेवानिवृत्त जज द्वारा जांच करवाई जाए और इन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही याचिकाकर्ताओं ने इस लाठीचार्ज में जख्मी हुए प्रदर्शनकारियों को उचित मुआवजा देने की भी हाईकोर्ट से मांग की है। यह याचिका हाईकोर्ट में दायर कर दी गई है जिस पर हाईकोर्ट अगले सप्ताह सुनवाई कर सकती है।
गौरव कुमार बने करनाल के नए एसडीएम
हरियाणा सरकार ने आईएएस आयुष सिन्हा को एसडीएम करनाल के पद से हटाने के बाद वहां नई तैनाती कर दी है। एचसीएस गौरव कुमार को करनाल का नया एसडीएम लगाया है। वह अभी जिला परिषद व डीआरडीए करनाल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद पर तैनात थे। बता दें कि करनाल में पुलिस ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल का विरोध कर रहे किसानों पर पिछले शनिवार को जमकर लाठीचार्ज किया था। इस दौरान लगभग 10 किसानों को चोट आईं थी। इस बीच, करनाल के एसडीएम रहे आयुष सिन्हा का सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह पुलिसकर्मियों से विरोध प्रदर्शन करने वालों का सिर फोड़ने की हिदायत दे रहे हैं।