चंडीगढ़। गैंगस्टर इंदरप्रीत सिंह उर्फ पैरी की मौत से लॉरेंस बिश्नोई गैंग में यूएस, लंदन और कनाडा तक हलचल मच गई है। पैरी, जो लॉरेंस का बेहद करीबी और गैंग का प्रमुख ऑपरेटर था, चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली में गैंग की गतिविधियों को अंजाम देता था।
सूत्रों के अनुसार, रातभर लॉरेंस और उसके करीबी गैंगस्टर विदेशों में और दिल्ली, पंजाब व हरियाणा की जेलों में पैरी की हत्या के हमलावरों का पता लगाने में जुटे रहे। पैरी ने नेपाल से लेकर विदेश तक लॉरेंस के कई गुर्गों की तस्करी और सुरक्षा में अहम भूमिका निभाई थी। 19 नवंबर को लॉरेंस के भाई अनमोल बिश्नोई को यूएस से भारत डिपोर्ट किया गया था। अब विदेशी और देश के कई शहरों में गैंग के बिखराव और लॉरेंस-गोल्डी बराड़ टकराव पर चर्चा है।
पुलिस और एजीटीएफ सूत्रों ने बताया कि पैरी कई गैंग के सदस्यों को नकली दस्तावेजों पर विदेश भेज चुका था और पंजाब व हरियाणा में हथियार सप्लाई करता था।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार पैरी टिंबर मार्केट में किसी से पैसे लेने के लिए इंतजार कर रहा था, तभी अचानक हमला हुआ। वारदात के समय पैरी अपनी कीया कार में था, और बदमाशों ने उसे घेरकर गोलियों की झड़ी लगा दी। पैरी की हत्या से गैंग के आंतरिक टकराव और रंगदारी की कहानी उजागर हुई है। सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू कर दी है।