हरियाणा में 10 अप्रैल, को हो रहे लोकसभा चुनाव के दौरान उम्मीदवारों द्वारा सार्वजनिक रैली और जनसभाओं के आयोजन के लिए अनुमति पाने की प्रक्रिया को आसान बनाया गया है। सभी जिला मुख्यालय पर सिंगल विंडो प्रणाली शुरू की गई है।
पहले यह प्रक्रिया कठिन थी। उम्मीदवारों को संबंधित जिले के पीठासीन अधिकारी, उपमंडल अधिकारी (नागरिक) और लोक निर्माण विभाग से अनुमति लेना अनिवार्य था।
उन्होंने बताया कि लोकसभा चुनाव के लिए नामांकन भरने की प्रक्रिया पूरी हो गई है। नामांकन पत्रों की समीक्षा की जा रही है। नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 26 मार्च है। इसके बाद चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी की जाएगी।
हरियाणा के मुख्य चुनाव आयुक्त श्रीकांत वाल्गद ने बताया कि राजनैतिक पार्टियों को सार्वजनिक रैलियों व जनसभाओं के के लिए पहले अनुमति लेनी अनिवार्य होगी।
ऐसा न करने की स्थिति में आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा। चुनावी प्रचार अभियान के दौरान हेलिकाप्टर के उपयोग के लिए लेंडिंग टाइम व टेक ऑफ टाइम की भी अनुमति लेनी होगी।
चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों को अपने चुनावी खर्चों का ब्योरा रखने के लिए एक रजिस्टर रखना होगा। चुनाव खर्च के लिए अलग से बैंक खाता खोलना होगा। उन्हें इस खाते में अपनी अदायगी चैक या आरटीजीएस प्रणाली के माध्यम से करनी होगी।
ऐसा न करने पर उम्मीदवारों को नोटिस जारी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निर्वाचन विभाग द्वारा उड़नदस्तों व वीडियोग्राफी दस्तों के माध्यम से उम्मीदवारों के चुनावी खर्चें पर नजर रखी जाएगी।