कोई भी प्रत्याशी या राजनैतिक दल चुनाव प्रचार के लिए यदि सोशल मीडिया का उपयोग करना चाहते हैं तो उन्हें निर्वाचन आयोग से अनुमति लेनी होगी।
साथ ही धार्मिक कार्यक्रमों में कोई भी प्रत्याशी लोगों को चुनाव के मुद्दे पर संबोधित नहीं करेंगे। नवरात्र के दिनों में आयोजित होने वाले जागरण व अन्य धार्मिक कार्यक्रमों में प्रत्याशियों की मौजूदगी पर वीडियो सर्विलांस टीम खास नजर रखेगी।
चुनाव खर्च में जुड़ेगी टोपियों की कीमत
वीडियो सर्विलांस और वीडियो विविंग टीमों की रिपोर्ट के आधार पर नोडल अधिकारी कार्यालय में प्रत्याशियाें के खर्च के लिए तैयार किए जा रहे शैडो रजिस्टर का भी अवलोकन किया गया। विभिन्न राजनैतिक दलों द्वारा आयोजित की जाने वाली जनसभाओं, रैलियों और रोड शो में लोगाें द्वारा चुनाव चिह्न और पार्टी व प्रत्याशी के नाम की टोपियों के उपयोग को भी चुनाव खर्च में शामिल किया जा रहा है।
गलत ब्योरा देने पर होगी कार्रवाई
किसी उम्मीदवार द्वारा किए गए चुनाव खर्च के बारे में गलत विवरण देने पर उसके खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 10(क) के अंतर्गत लोकसभा सदस्य के रूप में निर्वाचित होने के लिए तीन वर्षों के लिए निरर्हित किया जा सकता है।
यहां कर सकते हैं शिकायत
अंबाला सुरक्षित लोकसभा क्षेत्र के चुनाव पर्यवेक्षक आरसी प्रसाद ने कहा कि चुनाव खर्च से संबंधित किसी प्रकार की शिकायत के लिए कोई भी प्रत्याशी, चुनाव एजेंट, मतदाता प्रतिदिन नौ से 11 बजे तक लोक निर्माण विश्राम गृह अंबाला छावनी में व्यक्तिगत तौर पर संपर्क कर सकते हैं।
इस तरह की शिकायत संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी, विधानसभा क्षेत्र के सहायक रिटर्निंग अधिकारी को भी की जा सकती है और मोबाइल पर भी सूचना दे सकते हैं।