कैप्टन ने कोविड मरीजों के अंग निकालने के आरोप, जो कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो द्वारा फैलाए जा रहे हैं, को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह अफवाहें बेबुनियाद हैं। ऐसे झूठे प्रचार का शिकार न हों, जो सिर्फ गुमराह करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि कोविड पीड़ितों के मृत शरीर को न छूना और संस्कार के समय लोगों द्वारा पीपीई किटें पहनना, कोविड के संक्रमण से बचना है। मुख्यमंत्री ने लोगों को लक्षणों को अनदेखा न करने या अपने स्तर पर इलाज और टेस्टिंग में देरी से बचने की अपील की।
50 हजार ऑक्सीमीटर खरीदने की प्रक्रिया जारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा पहले ही 10,000 ऑक्सीमीटर बांटे जा चुके हैं और अन्य 50,000 खरीदने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इन मशीनों का प्रयोग जिंदगी नहीं बचा सकता। उन्होंने सचेत किया कि ऑक्सीजन का स्तर घटने पर ही अस्पताल पहुंचना भी शायद ज्यादा देरी होगी।
दिल्ली समेत सभी राज्यों में कोविड के खिलाफ जंग फतेह हो : कैप्टन
आम आदमी पार्टी का दावा कि पंजाब में कोविड के मामले में दिल्ली के मुकाबले कारगुजारी बुरी है, को मुख्यमंत्री ने सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि आंकड़े और तथ्य इन झूठे दावों की पोल खोलते हैं। उन्होंने कहा कि 1.90 करोड़ की आबादी वाली दिल्ली में 1.82 लाख केस हैं जबकि 2.80 करोड़ आबादी वाले पंजाब में 60,000 मामले हैं।
दिल्ली में पंजाब के मुकाबले तीन गुणा अधिक मौतें हुई हैं। वह इन आंकड़ों का हवाला इसलिए नहीं दे रहे कि दिल्ली में और केस बढ़ें। उन्होंने कहा, ‘‘मैं वाहेगुरु के समक्ष अरदास करता हूं कि दिल्ली समेत सभी राज्यों में कोविड के खिलाफ जंग में फतह हासिल हो और हम लोगों की जान बचाने में सफल हों।’’
अमेरिकी चैनल ने मौतों की भविष्यवाणी पर उठाए सवाल
उन्होंने कहा कि अमरीका में एक चैनल ने उनके द्वारा मौतों की भविष्यवाणी पर सवाल उठाए हैं। कैप्टन ने कहा कि वह कोई डॉक्टर नहीं बल्कि सभी अनुमान विशेषज्ञों द्वारा दिए गए हैं। विशेषज्ञों के अनुमान बताने का मतलब पंजाब के लोगों के लिए सारी बात खुलेआम रखना है। कैप्टन ने कहा कि वह पंजाब के लोगों को विश्वास दिलाते हैं कि कोविड के चरम की संभावना सितंबर-अक्तूबर बनी हुई है। इसका मुकाबला करने के लिए बेड, दवाएं, वेंटिलेटरों और डॉक्टरों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।