स्वच्छ सर्वेक्षण- 2021 में सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग पाने की दौड़ शुरू हो गई है। इसके लिए आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय भारत सरकार (एमओएचयूए) की ओर से मांगे जा रहे नागरिक फीडबैक में फिलहाल चंडीगढ़ से 80 हजार लोगों ने सुझाव दिए हैं। अहम बात ये है कि लोगों के फीडबैक से 50 प्रतिशत अंक मिलेंगे।
इस बार सर्वेक्षण में शहरों की रैंकिंग तीन कैटेगरी के आधार पर तय होगी। वहीं डायरेक्ट ऑब्जर्वेशन को हटाते हुए इसे पब्लिक फीडबैक से जोड़ दिया गया है यानी सर्वे के लिए आने वाली टीमें आम लोगों से चर्चा करके उनके फीडबैक के आधार पर ही तय करेंगी कि शहर धूल मुक्त और कचरा मुक्त है या नहीं। साथ ही शहर के विभिन्न क्षेत्रों में डस्टबिन के इंतजाम को भी जांचा जाएगा। यह फीडबैक 31 मार्च तक चलेगा। इसलिए शहर के लोगों पर इस बार बेहतर रैंकिंग की बड़ी जिम्मेदारी है।