बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से शहरवासी दिनभर परेशान रहे। उधर, सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ी रही। किसी ने जम्मू का हवाला देते हुए शहर में सेना बुलाने की मांग की तो कुछ लोग हड़ताली कर्मचारियों का साथ देते नजर आए। कई लोग ऐसे भी रहे, जिन्होंने अपनी समस्या बताकर सरकार ने मदद का गुहार लगाई।
शहरवासी भारत भूषण पुरी ने ट्विटर पर लिखा कि कर्मचारियों ने जानबूझ कर बिजली बंद की है। चंडीगढ़ में आपातकाल जैसी स्थिति है। बिजली बहाल करने के लिए सेना बुलानी चाहिए और जो कर्मचारी इसके लिए जिम्मेदार हैं, उन पर एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। उन्होंने लिखा है कि जम्मू में भी बिजली कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी थी तो स्थानीय प्रशासन ने सेना की मदद ली थी। वहीं, सुनील कुमार ने लिखा कि प्रशासन लाभ वाले विभाग बेच रहा है, ये बेहद गलत है। इसलिए कर्मचारियों की हड़ताल ठीक है। ये अस्थायी समस्या है लेकिन एक बार निजीकरण हो गया तो लोगों को पूरी जिंदगी परेशान होना पड़ेगा।
कुछ ने कहा कि लोग पूरे दिन बिना बिजली के तड़पते रहे और अधिकारी कोई ठोस फैसला लेने के बजाय एसी के कमरों में आराम से बैठे रहे। किसी ने कहा कि सभी हड़ताली कर्मियों को बर्खास्त कर नई भर्ती करनी चाहिए तो किसी ने कहा कि निजीकरण से बचने के लिए ये दुख सह लेंगे।
सांसद किरण खेर पर लोग भड़के, बोले- सांसद टीवी शो करने में व्यस्त
सोशल मीडिया पर सांसद किरण खेर को लोगों ने खूब कोसा। कहा कि शहर में लोग पूरे दिन परेशान होते रहे, लेकिन सांसद किरण खेर की तरफ से कोई बयान नहीं आया। कई लोगों ने लिखा कि सांसद किरण खेर इंडिया गॉट टैलेंट शो को करने में व्यस्त हैं। उन्हें शहरवासियों की समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं है। लोगों ने कहा कि सांसद शहर में नहीं हैं, इसलिए अधिकारी भी बेलगाम हैं। खेर सिर्फ वोट लेने के लिए चंडीगढ़ आती हैं, जब लोगों को उनकी जरूरत होती है तो वो कहीं नजर नहीं आती।
शोरूम जल्द बंद हुए, पेट्रोल पंपों पर मैनुअल तरीके से डाला गया पेट्रोल
दुकानदारों ने भी बिजली न होने के चलते जल्दी दुकानें बंद कर दीं, क्योंकि शोरूम में बिजली की समुचित व्यवस्था नहीं थी। कई पेट्रोल पंपों पर भी बिजली न होने के चलते मैनुअल तरीके से पेट्रोल डाला जा रहा था, जिससे लंबी लंबी लाइनें लग गईं। सड़कों पर बिजली न होने की वजह से ट्रैफिक लाइट्स बंद हो गईं। ट्रैफिक पुलिस ने मैनुअल तरीके से ट्रैफिक को संचालित किया। उधर, कई स्कूलों में भी बिजली गुल रही। कई डिस्पेंसरियां में बिजली न होने की वजह से अंधेरे में ही काम हुआ। ऑनलाइन कक्षाएं, परीक्षाएं व वर्क फ्रॉम होम भी प्रभावित हुआ।
लगभग पूरे शहर में गुल है बिजली, लेकिन इन इलाकों में समस्या ज्यादा
हड़ताल शुरू होने के साथ ही सेक्टर-22ए, 35ए, 43, मौलीजागरां, विकास नगर, मौली पिंड, 44, 45सी, 45, 42बी, 52, 53, 53, 56, 41ए, 63, 50, किशनगढ़, 28डी, 37, 38, 38 वेस्ट, 27, 21बी, 9, 20, 7, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और 2, 18ए, पेक, 35सी, हल्लोमाजरा, 32, मलोया, किशनगढ़, धनास, 32सी, 39डी, 47सी, 24डी, रामदरबार और मनीमाजरा के कई हिस्सों समेत शहर के लगभग सभी हिस्सों में बिजली गुल हो गई है।