पंजाब में नशों कारण हुई कई मौतों ने पंजाब निवासियों को हिला कर रख दिया है जिस कारण अब गांवों में युवा पीढ़ी ने नशा तस्करों को काबू करने के लिए आगे आना शुरू कर दिया है। नशे के लिए बदनाम गांव दौलेवाला में नौजवानों ने नशा तस्करों एवं गांव में नशा करने आने वाले नौजवानों की डंडे से मारपीट करने की वीडियो वायरल हुई है। नशों के लिए बदनाम गांव दौलेवाला की 12 सदस्य नौजवानों की टीम गांव के माथे पर लगा तस्करी का कलंक धोने के लिए आगे आई है।
इस टीम के नेता गुरदेव सिंह ने बताया कि वह 24 घंटे नाकेबंदी करके तस्करों और गांव में नशा करने आने वाले नौजवानों पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने नशा करने आए कई नौजवानों को रोका पर उनके न रुकने के कारण गांव वासियों में गुस्सा पैदा हो गया और उनकी पिटाई की। उन्होंने कहा कि नशे के दलदल में फंसे सैकड़े नौजवानों को पुलिस हवाले कर चुके हैं।
इस कमेटी में सतनाम सिंह को-ऑर्डिनेटर, गुरलाल सिंह, सूबा सिंह, पलविंदर सिंह, महिंदर सिंह, गुरमीत सिंह, गुरचरन सिंह, बलदेव सिंह, हरमीत सिंह, अमर सिंह और बलविंदर सिंह हैं। उन्होंने कहा कि नशे से बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे और किसी भी नशा तस्कर को या नशा करने आने वाले को गांव में नहीं घुसने दिया जाएगा।
एसएसपी ने युवकों की सराहना की
एसएसपी गुरप्रीत सिंह तूर ने गांव दौलेवाला का दौरा किया और इन नौजवानों की सराहना की। उन्होंने कहा कि वह किसी से मारपीट न करें, बल्कि कोई नशा बेचता है या नशा करता है तो तुरंत इस की जानकारी पुलिस को दें। उन्होंने कहा कि नशे के मारू प्रभाव के कारण नौजवान गलत रास्ते पर पड़ रहे हैं। इस लिए जहां नौजवानों के माता पिता जिम्मेदार हैं, वहां ही समाज की हिस्सेदारी से भी इंकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने विश्वास दिलाया कि नशे के खात्मे की इस लड़ाई में वह हर व्यक्ति साथ खड़े हैं। एसएसपी ने कहा कि नशे के खात्मे के लिए पुलिस को फ्री हैंड किया गया है कि नशे को रोकने के लिए पूरी ताकत का इस्तेमाल करे। नशा करने या बेचने वाले किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा।
एसएसपी बोले- पंचायतों, नशा विरोधी जत्थेबंदियों से मांगा सहयोग
उन्होंने कहा कि नशे से संबंधित कोई भी व्यक्ति जानकारी दे सकता है, जिस को पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि नशा तस्करी से जुड़े लोगों की जानकारी बिना झिझक दी जा सकती है। यदि पुलिस विभाग का कोई मुलाजिम या अधिकारी नशा तस्करों से मिला है तो उस संबंध में उनके साथ सीधे संपर्क किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नशा तस्करों की जायदाद कुर्क की जाएंगी और अगर नशे के कारण किसी नौजवान की मौत होती है तो नशा बेचने वाले के खिलाफ 304 आइपीसी (गैरइरादतन हत्या) का केस दर्ज किया जाएगा।
उन्होंने गांवों की पंचायतों, अमन पसंद लोगों पर नशा विरोधी जत्थेबंदियों से सहयोग की मांग करते कहा कि क्षेत्र में नशे की तस्करी करने वालों की सूची उनको दी जाए जिससे ऐसे लोगों को कानून के शिकंजे में लाया जा सके। उन्होंने नशा कारोबारियों को चेतावनी देते कहा कि जो लोग नशे का कारोबार करते हैं वह या तो इस काम से तौबा कर लें या फिर वह जेल जाने को तैयार रहें। इस मौके पर डीएसपी, धर्मकोट अजयराज सिंह, स्पेशल ब्रांच इंचार्ज गुरदर्शन सिंह व अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद थे।