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Chandigarh: चंडीगढ़ में पेट्रोल-डीजल पर लगेगा ईवी सेस, यूटी प्रशासन के प्रस्ताव पर केंद्र की मंजूरी का इंतजार

Thu, 25 Aug 2022 03:41 PM IST
निवेदिता वर्मा रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

चंडीगढ़ में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और ईवी बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के लिए एक यूटी ईवी फंड बनाया जाएगा। बिजली के बिल, पेट्रोल-डीजल की गाड़ियों पर सेस लगाकर फंड में राशि जमा की जाएगी।
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Electric Vehicle - फोटो : प्रतीकात्मक
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विस्तार
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चंडीगढ़ के लोगों को पेट्रोल-डीजल पर जल्द ही ईवी सेस देना होगा। यूटी प्रशासन ने इसका प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को मंजूरी के लिए भेज दिया है। केंद्र से हरी झंडी मिलने के बाद पेट्रोल-डीजल पर यह सेस लगा दिया जाएगा। सेस से जो राशि इकट्ठी होगी, उसे एक ईवी फंड में डाला जाएगा। इसे इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले लोगों को इंसेंटिव के रूप में दिया जाएगा।
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इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन ईवी नीति लाने जा रहा है। नीति का 11 फरवरी को ड्राफ्ट जारी कर लोगों से सुझाव मांगे गए थे। दावा किया था कि एक अप्रैल को नीति को लागू कर दिया जाएगा लेकिन आज तक इसे लागू नहीं किया जा सका। प्रशासन ने शहर के कई इलाकों में चार्जिंग स्टेशन भी बना दिए हैं। 

नीति के ड्राफ्ट में कहा गया था कि शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और ईवी बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के लिए एक यूटी ईवी फंड बनाया जाएगा। बिजली के बिल, पेट्रोल-डीजल की गाड़ियों पर सेस लगाकर फंड में राशि जमा की जाएगी। फिलहाल प्रशासन ने पेट्रोल और डीजल पर सेस लगाने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा है, ताकि शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जा सके और ईवी बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाया जा सके। हालांकि पेट्रोल-डीजल पर सेस कितना होगा, यह चंडीगढ़ रिन्यूअल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसाइटी (क्रेस्ट) की ओर से अलग से अधिसूचित किया जाएगा। बताया जा रहा है कि अगर ऐसा हुआ तो चंडीगढ़ में पेट्रोल के दाम मोहाली और पंचकूला के बराबर हो जाएंगे, क्योंकि अब पड़ोसी राज्यों के दामों में ज्यादा अंतर नहीं रह गया है।

पहले ही कई तरह के टैक्स और सेस चुका रहे हैं शहरवासी

महंगाई की मार झेल रही जनता पर बिजली और पानी के बिल में कई तरह के टैक्स लगाकर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। सिर्फ बिजली के बिल पर खपत चार्जेस के अलावा कुल छह तरह के टैक्स लगाए जा रहे हैं। दूसरी ओर, पानी के बिल में गारबेज चार्जेस से लोग परेशान हैं। बिजली सस्ती होने का हवाला देकर बिजली बिल पर नगर निगम (एमसी) टैक्स, गो सेस, इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी जैसे कई टैक्स व सेस वसूले जा रहे हैं।
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इलेक्ट्रिक वाहन नीति तैयार है। पेट्रोल-डीजल पर सेस लगाने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है, ताकि वाहनों को खरीदने पर लोगों को इंसेंटिव दिया जा सके। केंद्र से हरी झंडी मिलने के बाद नीति को लागू कर दिया जाएगा।  -धर्मपाल, सलाहकार, यूटी प्रशासक

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