पंजाब में जहरीली शराब से हुई मौत का मामला गर्माया हुआ। इसी बीच मंगलवार को आम आदमी पार्टी भी संघर्ष के राह पर आ गई। आप के सारे एमएल और एमपी मुल्लांपुर स्थित सीएम हाउस का घेराव करने जा रहे थे। इसी बीच मोहाली पुलिस ने उन्हें मुल्लांपुर बैरियर में ही रोक लिया। जिसके बाद उन्हें बस में भरकर फेज एक मोहाली स्थित थाने में ले आई।
पुलिस ने सभी को गिररफ्तार कर लिया है। नेताओं का साफ मांग की है कि इस मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए। ताकि इस मामले में शामिल बड़े लोगों को खुलासा हो सके। उनका कहना था कि माफिया पूरे आरगेनाइज तरीके से यह कारोबार चला रहा है। जानकारी के मुताबिक, जहरीली शराब से हुई मौत मामले में आम आदमी पार्टी ने मंगलवार को न्यू चंडीगढ़ स्थित सीएम के आवास को घेरने का फैसलया लिया था।
ऐसे में पहले मुल्लांपुर के बार्डर पर पुलिस तैनात कर दी गई थी। इस दौरान जैसे ही आम आदमी पार्टी के नेता प्रदर्शन करते हुए आए उन्हें बार्डर पर ही पुलिस ने रोक दिया। हालांकि इस दौरान बैरियर पर पुलिस व आप नेताओं में हलकी धक्का मुक्की हुई। इसके बाद नेताओं ने वहीं पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसी बीच आम पुलिस ने उनके नेताओं को अपने कब्जे में ले लिया। इसमें सांसद भगवंत मान से लेकर कई नामी एमएल शामिल है।
नेताओं का कहना था कि इस मामले की जांच सीबीआई से होनी चाहिए। उनका कहना था कि जब कैप्टन अमरिंदर सिंह सत्ता में आए थे, उन्होंने वायदा किया था कि चार हफ्तों में नशा खत्म कर देंगे। लेकिन यह सारी बाते हवा हो गई। दो दिनों में सौ के करीब मारे जा चुके हैं। सत्ताधारी दल के लोगों के सीधे नाम सामने आ रहे है। लेकिन सीएम उन पर कार्रवाई तक नहीं कर रहे है।