समाजसेवी ने साथी संग मिल किया अंतिम संस्कार।
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कोरोना वायरस का खौफ इस कदर लोगों में हावी है कि वे सामाजिक संस्कार भी भूल रहे हैं। ढकौली क्षेत्र में लंबी बीमारी के बाद 75 साल के बुजुर्ग विनोद कुमार शर्मा का निधन हुआ तो सोसायटी का कोई भी व्यक्ति उनके दाह संस्कार के लिए तैयार नहीं हुआ। और तो और उनकी अर्थी को कंधा देने के लिए भी लोग आगे नहीं आए। काफी देर बाद समाजसेवी सोनू सेठी को इसकी जानकारी हुई तो वह अपने साथियों के साथ पहुंचे और अपने साथियों के साथ मिलकर अंतिम संस्कार कराया।
सोनू सेठी ने बताया कि बुजुर्ग विनोद कुमार शगुन पैलेस अपार्टमेंट्स में रहते थे। उनके दो बेटे और एक बेटी हैं जो ऑस्ट्रेलिया में रहते हैं। विनोद यहां अकेले ही रहते थे। सोनू ने बताया कि उनके निधन के बाद बड़ी मुश्किल से प्रशासन की अनुमति लेकर उक्त बुजुर्ग की बहन को यमुनानगर से यहां बुलाया गया।
उन्होंने कहा कि वैसे तो हम सैकड़ों अज्ञात और बेसहारा लोगों के शव का दाह संस्कार करवा चुके हैं लेकिन इस करोना वायरस की बीमारी की वजह से लोगों के मन में भय बना हुआ है इसलिए हमने पीपीई किट पहनकर बुजुर्ग का दाह संस्कार करवाया है। उन्होंने बताया कि उनको कोई पंडित भी नहीं मिला जो हिंदू रीति रिवाज से बुजुर्ग का दाह संस्कार करवा सके। ऐसे में हम सभी लोगों ने ओम जय जगदीश हरे का पाठ करके उनका अंतिम संस्कार करवाया है।