शहर में शुक्रवार को एक बार फिर दो जगह शराब ठेके खोलने को लेकर विवाद हो गया। ठेके के विरोध में लोग सड़कों पर उतर आए।
जैसे ही इस बारे में पुलिस को सूचना मिली, पुलिस अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। इसके बाद शराब ठेके बंद करा दिये। लोगों ने इस संबंध में एडीसी प्रवीन कुमार थिंद से मुलाकात की और मांग पत्र सौंपा। लोगों ने साफ किया है कि अगर ठेके बंद नहीं किए गए तो वे संघर्ष से पीछे नहीं हटेंगे।
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार दोपहर फेज-1 स्थित डीसी आफिस के पास शोरूम नंबर 17 में दोबारा ठेका खोलने की कोशिश की गई। जैसे ही लोगों को सूचना मिली। सारे इकट्ठा हो गए।
फेज-1 स्थित प्राचीन शिव मंदिर श्री सनातन धर्म मंदिर स्त्री सत्संग सभा की महिलाएं भी आ गईं। उनकी दलील थी कि वे यहां ठेका नहीं खुलने देंगी। अगर ऐसा होता है, उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचेगी। महिलाओं का घर से निकलना मुश्किल हो जाएगा।
पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे थाना फेज-1 के एसएचओ राजीव कुमार ने लोगों का पक्ष सुना और उन्हें शांत किया और ठेका बंद करा दिया। इसके बाद लोग दी हाउस ओनर वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले एडीसी से मिले।
उन्होंने एडीसी से मांग की कि इलाके में ठेका नहीं खुलना चाहिए। इसका एडीसी ने भी समर्थन किया। संस्था के महासचिव हरविंदर सिंह सैनी ने बताया कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती है। तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
इससे पहले सुबह सेक्टर-79 में शराब ठेके के विरोध में लोग आ गए। रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले काफी संख्या में लोग इकट्ठे हुए।
उनका कहना था कि जिस जगह गमाडा ने ठेका खोलने की साइट अलॉट की है। उसके बिल्कुल पास ही लोगों की कोठियां हैं। जिससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
एसोसिएशन के प्रधान सुच्चा सिंह ने कहा कि वह इस संबंध में डीसी, कर एवं आबकारी विभाग के कमिश्नर और गमाडा के सीए को मांत्र पत्र सौंप चुके हैं। लेकिन इसके बाद भी इलाके में ठेका खोला गया है, जो कि नियमों के बिल्कुल विपरीत है।