चार महीनों से रुकी पेंशन और करोड़ों के बकाया के भुगतान के लिए लगातार आंदोलन कर रहे बुजुर्ग पेंशनरों को मैनेजमेंट और सरकार ने एक बार फिर दगा दे दिया है।
पीआरटीसी ने पंजाब भर में कारपोरेशन के 3500 पेंशनरों के बजाय केवल तीन डिपुओं के पेंशनरों को पेंशन दे दी है। वह भी केवल एक महीने की। भड़के पेंशनरों ने सोमवार को बस स्टैंड पर रैली की और नारेबाजी की। सोमवार को पेंशनरों की भूख हड़ताल 24वें दिन में शामिल हो गई।
रैली को संबोधित करते हुए पीआरटीसी पेंशनर्स एसोसिएशन के महासचिव हरी सिंह चमक, गुरनाम सिंह, प्रदेश प्रधान भगवंत सिंह आदि ने कहा कि कुल 3500 पेंशनरों में से बुढलाडा, बरनाला और फरीदकोट डिपुओं के तकरीबन 450 पेंशनरों को ही पेंशन मिली है, वह भी केवल एक माह की। दिवाली नजदीक है, ऐसे में पेंशन न मिलने से वे कैसे अपने परिवार की जरूरतें पूरा कर पाएंगे।
लगातार आंदोलन करने के बावजूद सरकार व मैनेजमेंट उनकी कोई सुध नहीं ले रही है। उनकी भावनाओं से खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने ऐलान किया कि बुधवार को की जाने वाली रैली विशाल होगी, जिसमें उनके परिवारों की महिलाएं भी शामिल होंगी। डायलसिस पर चल रहे पेंशनर महिंदर सिंह ने भी इस मौके पर भूख हड़ताल पर बैठने का ऐलान किया। जिनके मेडिकल बिलों का बकाया मैनेजमेंट नहीं दे रही है। रैली में सीटू प्रधान राम सिंह, बलवीर सिंह बूटर, भीम सिंह आदि ने हिस्सा लिया। सोमवार की भूख हड़ताल में लुधियाना डिपो के करनैल सिंह, राजिंदर सिंह, पूरन सिंह, सरबजीत सिंह और राजिंदर सिंह बैठे।