पूर्व जेल मंत्री सरवण सिंह फिल्लौर और सीपीएस अविनाश चंद्र सोमवार को ईडी के सामने पेश हुए और अपना पक्ष रखा। ईडी के अधिकारी सरवण सिंह फिल्लौर से पूछताछ कर रहे थे, तभी अविनाश चंद्र भी आ पहुंचे। इस कारण ईडी ने सीपीएस अविनाश को शाम को चार बजे दोबारा बुलाया और ईडी ने उनसे पूछताछ की।
ईडी ने पूर्व मंत्री सरवण सिंह फिल्लौर व सीपीएस अविनाश चंद्र को सोमवार को तलब किया था। सोमवार को करीब पौने बारह बजे विधायक फिल्लौर अपने बेटे दमनवीर फिल्लौर को साथ लेकर पहुंचे और ईडी के पास जांच में शामिल हुए। सूत्रों के मुताबिक ईडी के अधिकारियों ने उनसे उनकी संपत्ति का पूरा ब्यौरा लिया और कहा कि गाबा की डायरी में कई ट्रांजेक्शन उनके नाम पर हैं, यह पैसा क्यों लिया गया?
इस पर फिल्लौर ने कहा कि उनके गोराया के कारोबारी के साथ पुराने संबंध जरूर हैं लेकिन उन्होंने उससे पैसा नहीं लिया है। फिल्लौर से अभी पूछताछ चल ही रही थी कि सीपीएस अविनाश चंद्र भी आ गए। ईडी ने अविनाश चंद्र को दोबारा शाम को चार बजे बुलाया। उससे लंबी पूछताछ की गई और संपत्ति के अलावा गाबा से पैसा क्यों लिया गया इसके बारे में पूछताछ की गई।
भोला की गिरफ्तारी के बाद से कसा शिकंजा
ड्रग कारोबारी जगदीश भोला की गिरफ्तारी के बाद से ही पंजाब में ब्यूरोक्रेट्स और राजनीतिज्ञों पर ईडी का शिकंजा तेज होता जा रहा है। भोला के संबंध गोराया के प्रापर्टी कारोबारी चुन्नी लाल गाबा के साथ पाए गए थे। गाबा की बद्दी स्थित फैक्टरी से ही भोला को ड्रग सप्लाई की जाती थी। हाल ही में आयकर विभाग ने गाबा के कारोबार पर गोराया में छापेमारी की तो वहां से एक डायरी मिली, जिसमें कई राजनेताओं के अलावा ब्यूरोक्रेट्स और एनआरआई सभा के पूर्व प्रधान कमलजीत हेयर का नाम निकलकर सामने आया।
आयकर विभाग की इस डायरी को काफी मुश्किल से ईडी के अधिकारियों ने कोर्ट के माध्यम से अपने कब्जे में ले लिया और उसकी फारेंसिक जांच करवाई। पता चला कि डायरी में फिल्लौर विधानसभा हलके से शिअद विधायक अविनाश चंद्र को कई बार पैसा अदा किया गया था। इसके अलावा एक पीपीएस अधिकारी को भी मोटी रकम अदा की गई थी। इसी डायरी में जालंधर से सांसद चौ. संतोख सिंह के नाम एक ट्रांजेक्शन के अलावा शिअद के नेता व पूर्व मंत्री सरवण सिंह फिल्लौर के नाम भी एंट्री थी।