पर्ल कंपनी के पास बरनाला के लोगों के 150 करोड़ रुपये फंस गए हैं। इससे समूह निवेशक परेशान हैं। साथ ही कंपनी के एजेंट निवेशकों के पक्ष में अनिश्चितकाल के लिए आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। मंगलवार को आमरण अनशन सातवें दिन में प्रवेश कर गया। केवल बरनाला में ही कंपनी के कम से कम 15 हजार एजेंट हैं।
कंपनी एजेंट सुखविंदर सिंह, कर्मजीत सिंह, राज कुमार, राजिंदर सिंह व गुरचरण सिंह ने बताया कि वह निवेशकों के हकों के लिए हर समय तत्पर हैं और उनका आमरण अनशन उस समय तक जारी रहेगा जब तक कंपनी निवेशकों का पैसा ब्याज सहित वापस नहीं कर देती।
उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी के अधिकरियों के साथ जब निवेशकों के पैसे संबंधी बातचीत की जाती है तो वह एजेंटों के सात दुर्व्यवहार करते हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में एडीसी जोरा सिंह थिंद को भी ज्ञापन सौंपा जा चुका है। उन्होंने मांग की कि पीएसीएल के चेयरमैन डीएमआरएम व मैनेजरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर निवेशकों के पैसे ब्याज सहित वापस दिलवाएं जाएं।
डीसी गुरलवलीन सिंह सिद्धू ने कहा कि इसके लिए लोग जिम्मेदार हैं। वह निवेशकों का हक दिलवाने के लिए जिला पुलिस मुखी उपिंदरजीत सिंह घुम्मन को पत्र लिख रहे हैं। जिला पुलिस मुखी उपिंदरजीत सिंह घुम्मन ने बताया कि इस संबंध में शिकायतें उनके पास पहुंच चुकी हैं। जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।