चंडीगढ़। सीबीआई के पूर्व स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना और चंडीगढ़ पुलिस के पूर्व डीजीपी तेजिंदर सिंह लूथरा समेत आठ लोगों की ओर से सेक्टर-21 के डॉ. मोहित धवन से धोखाधड़ी के मामले में नया मोड़ सामने आया है। मंगलवार को पीसीए में पुलिस की पेशी के दौरान केस के कागजात मांगने के बावजूद नहीं सौंपा गया। इसके चलते पुलिस कंप्लेंट अथारिटी (पीसीए) ने चंडीगढ़ पुलिस विभाग को फटकार लगाते हुए पत्र लिख प्रशासक से इसकी शिकायत की है। इस केस की अगली सुनवाई 11 फरवरी को होगी।
डॉ. धवन का आरोप है कि सीबीआई के पूर्व स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना के इशारे पर तत्कालीन डीजीपी लूथरा ने उनसे 50 लाख रुपये उनकी विदेशी पेशेंट को जबरन दिलवाना चाहा। इसके लिए डीएसपी सतीश कुमार और तत्कालीन एसएचओ अश्वनी कुमार ने हर संभव प्रयास कर उन्हें परेशान किया। आरोप है कि इन लोगों ने कभी घर पर पुलिस भेजी तो कभी हेडक्वार्टर ले जाकर डीजीपी के कमरे में धमकाया गया। इस संबंध में डॉ. धवन ने सीबीआई डायरेक्टर को शिकायत दी थी। इसके बाद सीबीआई ने अब इस मामले में चंडीगढ़ एडवाइजर को रिपोर्ट भेजकर अफसरों के खिलाफ विजिलेंस इंक्वायरी शुरू करवाई है। इसके अलावा केस की पीसीए में भी शिकायत की गई थी। मंगलवार को इस केस में सुनवाई होनी थी। चंडीगढ़ पुलिस विभाग की ओर से इंस्पेक्टर दिलबाग सिंह पीसीए में पेश हुए। जब उनसे केस से संबंधित कागजात मांगे गए तो उन्होंने इनकार कर दिया। सूत्रों के अनुसार पीसीए में कहा गया कि आला अधिकारी इस केस के संबंध में कागजात देते हैं या नहीं, इस पर विचार नहीं किया गया है। जिस पर पीसीए ने चंडीगढ़ पुलिस को फटकार लगाते हुए प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है।