चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों में बुधवार से नई शुरुआत होने जा रही है। शहर के रिटायर्ड अधिकारी और अपने अपने क्षेत्र के विशेषज्ञ स्कूली बच्चों को अपने अनुभव के टिप्स देंगे। शिक्षा विभाग ने चुने गए लोगों को हफ्ते में एक पीरियड या एक लेक्चर लेने की अनुमति दी है। बुधवार को पहले दिन पूर्व सांसद पवन कुमार बंसल और पूर्व डीपीआई स्कूल एसके सेतिया पहली क्लास लेंगे।
यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनौर के निर्देश पर यूटी शिक्षा विभाग ने ट्राइसिटी के रिटायर्ड जज, आईएएस, वकील, टीचर्स, आर्मी ऑफिसर से सरकारी स्कूलों में पढ़ाने के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। शिक्षा विभाग को रिटायर्ड लोगों से काफी अच्छा रिस्पांस मिला। काफी आवेदनों में से प्रशासक की ओर से 96 रिटायर्ड लोगों के नाम फाइनल किए गए।
जानकारी अनुसार बुधवार को पवन बंसल सेक्टर-19 स्थित गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पहली क्लास लेंगे। विभाग ने बंसल को लीगल लिट्रेसी विषय पर लेक्चर देने के लिए चुना है। बंसल ने कहा कि वकालत के फिल्ड से जुड़ने होने के कारण हमें अपने अनुभवों को स्कूली बच्चों के साथ बांटना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब उन्हें यूटी प्रशासक के इस प्रोग्राम का पता चला तो उन्होंने तुरंत शिक्षा विभाग को प्रस्ताव भेज दिया था। बंसल ने कहा कि अनुभवी लोगों से बच्चों को काफी कुछ नया सीखने को मिलेगा।
96 रिटायर्ड अधिकारियों को स्कूलों में पढ़ाने के लिए चुना शिक्षा विभाग ने
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उधर एचसीएस अधिकारी और यूटी शिक्षा विभाग के पूर्व डीपीआई(स्कूल) रह चुके एसके सेतिया को शहर के टॉप स्कूल सेक्टर-16 स्थित गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई है। सेतिया ने कहा कि उन्हें ऐसे सामाजिक कार्य से जुड़कर काफी खुशी महसूस हो रही है। वह शुरू से ही बच्चों को पढ़ाने के इच्छुक रहे हैं। यूटी प्रशासन के इस प्रोजेक्ट से भविष्य में ओर भी लोग जुड़ेंगे। पहले लेक्चर के सवाल पर सेतिया ने कहा कि पहले दिन वह सिर्फ बच्चों से बेसिक चीजों पर बात करेंगे, साथ ही बच्चों से पहली मुलाकात होगी।
सरकारी स्कूलों में पढ़ाने के लिए पहली लिस्ट में शिक्षा विभाग ने करीब 74 लोगों को स्कूल अलाट कर दिया है। जबकि अन्य से स्कूल और समय के चयन के बारे में 15 नवंबर तक जानकारी मांगी गई है। पढ़ाने के लिए चुने गए लोगों की लिस्ट शिक्षा विभाग ने वेबसाइट पर भी अपलोड कर दी है। सरकारी स्कूल में पढ़ाने के इच्छुक लोगों में चंडीगढ़ चाइल्ड राइट्स कमीशन की चेयरपर्सन प्रो.देवी सरोही, पीयू के कई प्रोफेसर, पीजीआई के डॉक्टर, शिक्षा विभाग से रिटायर्ड शिक्षक और आर्मी से कई अधिकारी शामिल हैं।
रिटायर्ड अधिकारियों को स्कूल से जोड़ने का कांसेप्ट काफी अच्छा है। प्रयोग सफल रहा तो भविष्य में और लोगों से भी आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। चुने गए लोग बच्चों को निशुल्क पढ़ाएंगे।
रुबिंदरजीत सिंह बराड़,डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन, चंडीगढ़