पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल को कांग्रेस ने बढ़ी जिम्मेदारी सौंपी है। शनिवार को कांग्रेस ने पवन कुमार बंसल को कोषाध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार दिया है। यह पद पहले अहमद पटेल के पास था। बंसल के कद बढ़ने से कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह है। बंसल को मिली यह जिम्मेदारी उनके राजनीतिक जीवन की एक बड़ी उपलब्धि है। वह यूपीए की मनमोहन सिंह सरकार में बतौर केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री, संसदीय मामलों के राज्यमंत्री, जल संसाधन मंत्रालय समेत तमाम विभागों में भी रहे हैं। वह केंद्रीय रेल मंत्री भी बने थे।
अब पार्टी के आंतरिक संगठन और उसके संचालन में बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। पार्टी ने कुछ महीना पहले उन्हें एआइसीसी में इंचार्ज एडमिनिस्ट्रेशन का दायित्व सौंपा था। यह पद पार्टी के वरिष्ठ और कद्दावर नेता मोती लाल वोरा संभाल रहे थे। यह जिम्मेदारी पवन कुमार बंसल को मिली थी।
कांग्रेस कार्य समिति में स्थायी सदस्य बनाए जाने पर बंसल की कार्यकुशलता दिखती है। बंसल भले ही पिछला चुनाव हार गए लेकिन पार्टी हाईकमान द्वारा उन पर विश्वास जताया गया है। चंडीगढ़ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में उत्साह इस बात का है कि बंसल के दिल्ली में बैठने से अब उनकी आवाज हाईकमान तक सीधे पहुचेंगी। इसके अलावा स्थानीय संगठन मजबूत होगा।
कार्यकर्ता इसलिए भी उत्साहित है, क्योंकि आने वाले नगर निगम चुनाव में बंसल की भूमिका अति महत्त्वपूर्ण होगी और चंडीगढ़ में उनके किए गए कामों का वो जमकर प्रचार करेंगे। कांग्रेस पार्टी ने जिस तरह से उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को प्रभारी बनाया है, उससे साफ है कि हाईकमान चंडीगढ़ को लेकर काफी गंभीर है। बंसल और रावत दोनों जमीन से जुड़े नेता के रूप में अपने आप को स्थापित कर चुके हैं। अब दोनों नेताओं को लेकर चंडीगढ़ के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह और उमंग है। बंसल को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा ने बधाई दी है।