जनवरी में पीजीआई अपने मरीजों व स्टूडेंट के लिए कई सौगाते देने जा रहा है। मरीजों के लिए जो सुविधाएं दी जा रही हैं, वे सारे नए प्रयोग हैं।
इन प्रयोगों से मरीजों को काफी सुविधाएं मिलेंगी, साथ ही इलाज कराने में आसानी रहेगी। इसी तरह मेडिकल स्टूडेंट व डॉक्टरों के लिए पीजीआई में कई सारे नए कोर्स शुरू हो रहे हैं।
ये ऐसे कोर्स हैं, जो अब तक पीजीआई में नहीं थे। इससे पीजीआई को नए एक्सपर्ट मिलेंगे, जिससे और बेहतर तरीके से इलाज हो सकेगा।
पीजीआई का दावा है कि इन सभी प्रयोगों की शुरुआत जनवरी से शुरू होने की पूरी संभावना है। यदि कुछ अड़चन आती भी है तो ज्यादा से ज्यादा 10-15 दिन और लगेंगे इन योजनाओं के शुरू होने में।
जनवरी से ये होंगे बदलाव और प्रयोग
1.सैंपल के लिए लाइन नहीं लगानी होगी
पीजीआई ने हाल में ही ओपीडी की सभी रिपोर्ट आनलाइन कर दी हैं। इससे लोगों को सहुलियत तो मिली, मगर ब्लड व यूरीन सहित अन्य सैंपल देने के लिए लोगों को अब भी लाइन लगानी पड़ रही है।
फिलहाल अब लोगों को जनवरी से ऐसा नहीं करना पड़ेगा। बायोकेमेस्ट्री लैब में जनवरी से टोकन सिस्टम शुरू हो रहा है। इसके तहत मरीजों को पहले टोकन लेना होगा। फिर वेटिंग हाल में बैठना होगा। उसके बाद नंबर एनाउंस किया जाएगा।
इसके लिए नौ नए काउंटर बनाए जा रहे हैं। इससे फायदा यह होगा कि अब सैंपल के लिए लाइन नहीं लगाना होगा। वे काउंटर पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करेंगे। जनवरी के पहले हफ्ते से यह योजना शुरू होने की उम्मीद है।
2.पहली बार पांच नए कोर्स
पीजीआई में पहली बार जनवरी से पांच नए कोर्स शुरू हो रहे हैं। कोर्स नहीं होने से इस पूरे रीजन में कई बीमारियों के स्पेशलिस्टों की भारी कमी है। इसका खामियाजा इस रीजन के लोगों को ही भुगतना पड़ रहा है।
इनमें प्रमुख कोर्स कुछ इस प्रकार हैं। (1) डीएम कोर्स इन चाइल्ड एंड एडोलसेंट साइक्रेट्री (2) डीएम कोर्स इन एडिक्शन साइक्रेट्री (3) डीएम कोर्स इन हिस्टोपैथोलॉजी (4) पीडियाट्रिक न्यूरोरेडियोलॉजी इन फेलोशिप (5) डीएम कोर्स इन पीडियाट्रिक क्लीनिकल इम्यूनोलॉजी एंड रीम्योटोलॉजी।
3.पहली बार ब्रांडेड दवाओं पर 57.7 प्रतिशत छूट
पीजीआई में यह पहली बार होगा कि ब्रांडेड दवाओं पर 57.7 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इसके टेंडर फाइनल कर दिए गए हैं। स्क्रूटनी चल रही है। माना जा रहा है कि जनवरी के आखिरी सप्ताह से यह केमिस्ट शॉप शुरू हो जाएगी।
हालांकि, पीजीआई प्रशासन ने माना कि यह प्रक्रिया चालू है, लेकिन कब तक शुरू होगी इस बारे में फिलहाल पुष्टि नहीं कर सकते हैं।
सूत्र दावा कर रहे हैं कि जनवरी के आखिरी तक केमिस्ट शॉप से दवा मिलनी शुरू हो जाएगी। इससे मरीजों को काफी फायदा मिलेगा।
4.भार्गव आडिटोरियम का ट्रैफिक वन-वे होगा
पीजीआई स्थित भार्गव आडिटोरियम की ओर जाने वाला ट्रैफिक जनवरी में वन-वे कर दिया जाएगा। यानी रिसर्च ब्लाक जाने वाला ट्रैफिक की एंट्री भार्गव आडिटोरियम से होगी और वे बैंक वाली रोड से बाहर निकल जाएंगे।
यह पहली बार प्रयोग किया जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि यह वन-वे ट्रैफिक जनवरी के पहले हफ्ते में हो जाएगा। यदि यह प्रयोग सफल रहा तो दूसरे फेज में अन्य रास्तों पर ट्रैफिक वन-वे करने की पहल की जाएगी।
5.पांच गोल्फ कार्ट चलेंगे
पीजीआई में जनवरी के महीने में पांच गोल्फ कार्ट भी आएंगे। सूत्रों ने बताया कि बैंक की ओर से पीजीआई को गोल्फ कार्ट खरीदने के लिए 20 लाख रुपये दिए जा चुके हैं।
यह उन मरीजों के लिए सुविधा जनक होगी, जो चलने में असमर्थ हैं और बस में भी नहीं बैठ सकते। इस अलावा ओपीडी में एक हजार कुर्सिंया आ चुकी हैं।
6.घर बैठे करवा सकेंगे ओपीडी में रजिस्ट्रेशन
पीजीआई की ओर से इसी महीने मोबाइल एप्स लांच करने की भी योजना है। इसकी सहायता से कोई भी व्यक्ति घर बैठे अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकेंगे। यह अंग्रेजी व हिंदी दोनों में होगा।
अंग्रेजी का लगभग तैयार हो चुका है और हिंदी में बनाने की तैयारियां चल रही हैं। बताया जा रहा है कि मात्र 30 सेकेंड में ओपीडी में रजिस्ट्रेशन हो जाएगा। उसके बाद सेंट्रल रजिस्ट्रेशन नंबर दिया जाएगा।
इसमें नाम, पता और डेट आफ बर्थ लिखना होगा और आपका रजिस्ट्रेशन हो जाएगा।