चंडीगढ़। जीएमएसएच- 16 की ओपीडी में सुबह 11 बजे के बाद आ रहे मरीजों को बिना इलाज के लौटना पड़ रहा है। इसका कारण सुबह 11 बजे के बाद पंजीकरण न होना है। ऐसे में तय समय सीमा के बाद आने वाले मरीजों को अगले दिन सुबह 8 से 11 बजे के अंदर आकर पंजीकरण कराने को कहा जा रहा है। मरीजों के लिए पंजीकरण की समय सीमा का निर्धारण परेशानी का कारण बना हुआ है। खासकर दूरदराज से आ रहे मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।
संक्रमण से बचाव का दिया जा रहा हवाला
पंजीकरण की समय सीमा तय किए जाने के पीछे कोरोना संक्रमण से बचाव के मानक का हवाला दिया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि अगर पंजीकरण की समय सीमा बढ़ाई गई तो मरीजों की संख्या ज्यादा हो जाएगी। इससे अस्पताल में सामाजिक दूरी के मानक का पालन संभव नहीं हो पाएगा।
फिर जांच और दवा लेने में होगा विलंब
अस्पताल प्रशासन के अनुसार 11 बजे तक पंजीकरण कराने वाले मरीजों को ओपीडी में देखने के बाद डॉक्टर जांच और दवाएं लिखते हैं। अगर समय सीमा बढ़ाई गई तो 11 बजे के बाद दिखाने वाले मरीजों को जांच के लिए अगले दिन आना पड़ेगा, क्योंकि जांच का नमूना दोपहर एक बजे तक ही लिया जाता है। उसके बाद नमूनों की जांच की जाती है। मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पंजीकरण की समय सीमा सुबह 11 बजे तक की रखी गई है।
कोट-
मरीजों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए पंजीकरण की समय सीमा सुबह 11 से बढ़ाकर दोपहर 12 बजे तक करने का निर्णय लिया गया है। इसे सोमवार से लागू कर दिया जाएगा।
-डॉ. वीकेनागपाल, चिकित्सा अधीक्षक जीएमएसएस- 16