करोड़ों रुपये की ड्रग तस्करी से जुड़े मामले में पटियाला जेल में बंद अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने जेल में अपनी सुरक्षा को लेकर अदालत में याचिका दायर की थी। इस पर जेल अधीक्षक ने बुधवार को अदालत को बताया कि बिक्रम मजीठिया को जेल के कानून के तहत पूरी सुरक्षा दी जा रही है। हालांकि अदालत जेल अधीक्षक के इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुई। इसी बीच मजीठिया के वकीलों ने एक अर्जी दायर की है। इस पर अदालत ने आठ अप्रैल को विस्तारपूर्वक जवाब दायर करने को कहा है।
जिला अदालत में जेल अधीक्षक ने बताया कि मजीठिया को जेल में पूरी सुरक्षा दी गई है और उन्हें अन्य की तरह सभी सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही हैं लेकिन जेल अधीक्षक के जवाब पर बिक्रम मजीठिया के वकीलों ने विरोध किया और एक याचिका बुधवार को दायर की। वहीं, बिक्रम सिंह मजीठिया के वकील एचएस धनोआ, अर्शदीप सिंह और डीएस सोबती ने एक याचिका दायर कर कहा कि मजीठिया पटियाला जेल में सुरक्षित नहीं है।
मजीठिया को 100 साल पुरानी फांसी चक्की में रखा जा रहा है। यहां पर न तो बाथरूम है और न ही सोने के लिए किसी तरह गद्दा मुहैया करवाया गया है। जबकि बिक्रम मजीठिया का मामला राजनीति से प्रेरित है। इसमें पहले कांग्रेस सरकार ने झूठा मुकदमा दायर किया और अब आम आदमी पार्टी मानहानि केस में दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल की ओर से मंगवाई गई माफी की खुन्नस निकालने के लिए ऐसा कर रही है। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद जेल अधीक्षक को मजीठिया को साफ-सुथरा माहौल देने के साथ-साथ अपना जवाब विस्तारपूर्वक देने के लिए 8 अप्रैल को दोबारा पेश होने का निर्देश दिया है।