पाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा ने पठानकोट एयरबेस एयरफोर्स स्टेशन पर हमले की साजिश का तानाबाना करीब 16 माह पहले बुनना शुरू कर दिया था। इसके लिए पठानकोट एरयबेस में तैनात एयरमैन सुनील को जाल में फंसाकर बेहद अहम जानकारियां हासिल की गई। मूल रूप से जोधपुर के रहने वाले सुनील को एक सितंबर 2014 को गिरफ्तार किया गया था।
पठानकोट पुलिस ने उसके खिलाफ जासूसी का केस दर्ज किया था। उस पर आरोप था कि उसने पाकिस्तानी लड़की मीना रैना के साथ इंटरनेट के जरिए दोस्ती कर उसको पठानकोट एयरबेस की जानकारियां मुहैया करवाई। इसके लिए सुनील को पाकिस्तान से पैसा भी भेजा जाता रहा था। इस मामले में जितनी तेजी से पुलिस ने कार्रवाई की, उतनी ही ढीली जांच की।
इसका फायदा आरोपी को मिला और उसे जमानत मिल गई। एयरबेस पर हमले के बाद यह आशंका पैदा हो गई है कि यह हमला सुनील द्वारा भेजी गई जानकारी के आधार पर तो नहीं किया गया है।