पठानकोट में जांच के सिलसिले में आई पाकिस्तानी टीम को केवल वही जगह दिखाई जा रही है, जहां से आतंकी आए थे। इससे पहले कांग्रेस-आप और लोगों के विरोध के बीच पाकिस्तान से आई जांच करीब 11 बजे टीम एयरबेस कैंप पहुंच गई थी। पठानकोट एयरबेस पर जनवरी में हुए आतंकी हमले की जांच के लिए ये टीम आज पठानकोट में आई है।
जांच टीम को बस के माध्यम से एयरबेस के मुख्य गेट की बजाय पीछे की दीवार तोड़कर बनाए अस्थाई रास्ते से अंदर ले जाया गया है। ये अस्थाई रास्ता धीरा पुल के पास बनाया गया है। पाकिस्तानी जांच टीम में 11-12 लोग शामिल हैं। जिस नदी को पार कर आतंकी एयरबेस कैंप में घुसे थे, वो जगह जांच टीम को दिखा दी गई है। रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने सोमवार को कह दिया था कि जांच के लिए आई संयुक्त जांच टीम को सिर्फ हमला के दौरान हुए मुठभेड़ वाली जगह पर जाने की इजाजत दी गई है।
वह पठानकोट एयरबेस के संवेदनशील जगहों पर नहीं जा सकेगी। वहीं पाक टीम ने पठानकोट हमले में आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद की भागीदारी का अब तक खंडन नहीं किया है। पाकिस्तान की ज्वाइंट इन्वेस्टिगेशन टीम (JIT) में आईएसआई अधिकारी के साथ पाकिस्तान पुलिस के अतिरिक्त आईजी मोहम्मद ताहिर, लाहौर के आईबी के उप निदेशक अजीम अरशद, मिलिट्री इंटेलीजेंस के ले. कर्नल इरफान मिर्जा और गुजरांवाला के सीटीडी के जांच अधिकारी शाहिद तनवीर शामिल हैं।
कांग्रेस और आम आदमी पार्टी का प्रदर्शन शुरू
इस बीच, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और पठानकोट के लोगों ने एयरफोर्स के स्टेशन के बाहर पाक अफसरों के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया है। पाकिस्तानी जेआईटी में आईएसआई के लेफ्टिनेंट तनवीर अहमद की मौजूदगी को लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने सोमवार को कहा था, ''आश्चर्यजनक है कि भारत सरकार ने दोषियों को ही जांच की इजाजत दे दी है।''
अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया, ''ISI को बुलाकर मोदी सरकार ने पाक के आगे घुटने टेके। मोदी सरकार ने शहीदों की शहादत की सौदेबाजी की है। भारत के लोग ये कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।''