आपको अब पासपोर्ट में लगाने के लिए आवश्यक प्रूफ के लिए भटकना नहीं होगा। जन्मतिथि हो या मैरिज सर्टिफिकेट, इसके लिए विभागों का चक्कर नहीं लगाना होगा बल्कि वह प्रूफ भी मान्य होंगे जो मजिस्ट्रेट द्वारा प्रमाणित किए जाएंगे। मिनिस्ट्री आफ एक्सटर्नल अफेयर द्वारा 22 जनवरी को यह नोटिफिकेशन जारी किया गया है।
इसका उद्देश्य पासपोर्ट आवेदकों की भागमभाग को कम करके उनको राहत देना है।
माइनर चाइल्ड का मामला हो या फिर तत्काल पासपोर्ट के लिए वेरीफिकेशन एफीडेविट के लिए संबंधित अधिकारियों के संग ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट या नोटरी पब्लिक से प्रमाणित करवाना होगा।
ये हैं कुछ नियम
1-अनपढ़ आवेदकों का एफीडेविट-ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट या नोटरी पब्लिक
2-माइनर चाइल्ड के लिए पासपोर्ट आवेदन के लिए एफीडेविट (जो अलग रहते हैं पर तालाक नहीं हुआ)-ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट या एग्जिक्यूटिव मजिस्ट्रेट या नोटरी पब्लिक।
3-शादी के बाद महिला के नाम परिवर्तन का एफीडेविट-ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट या एग्जिक्यूटिव मजिस्ट्रेट या नोटरी पब्लिक।
4-नाम परिवर्तन करवाने संबंधी एफीडेविट-ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट या एग्जिक्यूटिव मजिस्ट्रेट या नोटरी पब्लिक।
5-तत्काल पासपोर्ट के आवेदन के लिए वेरीफिकेशन सर्टिफिकेट-संबंधित अधिकारियों से प्रमाणित
6-माइनर के पासपोर्ट मामले में एक अभिभावक के राजी न होने पर-ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट या एग्जिक्यूटिव मजिस्ट्रेट
7-खोए हुए या डैमेज पासपोर्ट के मामले में एफीडेविट-ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट या एग्जिक्यूटिव मजिस्ट्रेट या नोटरी पब्लिक।
8-नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट-सरकारी, पब्लिक सेक्टर बाडी या पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग-कंट्रोलिंग अथारिटी से इश्यू।