सीटीयू की ओर से ठेके पर 80 ड्राईवरों की भर्ती कर ली गई है , लेकिन अभी तक 70 खरीदी गई नई बसों की पासिंग का प्रोसेस पूरा नहीं किया गया है। बसों की कमी के कारण यात्रियों को हर रूट पर बस देरी से मिल रही है। इसके बाद भी सीटीयू की ओर से इस प्रोसेस को पूरा करने में ढील बरती जा रही है।
सीटीयू में स्टाफ की भारी कमी के चलते ठेके पर 80 ड्राईवरों की भर्ती का प्रोसेस पूरा कर लिया गया है। वहीं मार्च के महीने में 70 नॉन एसी बसें भी खरीद ली गई। इन बसों का परमिट एसटीए की ओर से दिया जाना है। बस पासिंग का प्रोसेस एक दिन में पूरा किया जाना है। लेकिन अभी तक यह बस का परमिट नहीं मिल सका है। सीटीयू की ओर से बसों के डाक्यूमेंट एसटीए में पूरे नहीं दिए गए जिसके कारण इन्हें रोड पर चलने का परमिट नहीं दिया जा सका है।
बसों का संचालन नहीं होने का खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। लोगों को हर रूट पर बसों का इंतजार 20 मिनट से अधिक करना पड़ता है। जबकि सीटीयू की ओर से यह बस हर रूट पर 7 मिनट में मिलने का दावा किया जाता है। सीटीयू की यह सभी बसें इंडस्ट्रियल एरिया स्थित सीटीयू वर्कशॉप में खड़ी हैं।
वहीं सीटीयू की ओर से कोरोनो की 160 बसों की खरीद भी नहीं की जा सकती है। सीटीयू की इस लापरवाही का खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। अमित तलवार, सीटीयू डायरेक्टर ने बताया कि बसों की पासिंग जल्द ही पूरी कर ली जाएगी। सभी रूटों पर बसों की संख्या मई से बढ़ा दी जाएगी।