भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) की पासिंग आउट परेड (पीओपी) के बाद सैन्य अधिकारी बने कई युवा ऐसे रहे, जिन्हें पहला सेल्यूट सेना में ही तैनात अपने पिता का मिला।
लेफ्टिनेंट बनकर ये युवा सेना में अपने पिता से ऊंची रैंक पर आ गए हैं। वहीं, सेना से रिटायर्ड कई नॉन कमीशंड अफसरों (एनसीओ) ने भी अफसर बने बेटों को पहले सैल्यूट किया, फिर अपना सपना पूरा होने पर पीठ ठोक हौसला अफजाई की।
देश में सेना प्रशिक्षण से जुड़े संस्थानों में आईएमए को सर्वोच्च माना जाता है। यहां से पासआउट होने वाले युवा सेना में बतौर लेफिटनेंट जुड़ते हैं। शनिवार को हुई पीओपी में कई युवा ऐसे थे, जिनके पिता भी सेना में कार्यरत हैं या रिटायर हो चुके हैं।