लोकसभा में शून्यकाल के दौरान कानून मंत्री सदानंद गौड़ा द्वारा खाप पंचायतों को असंवैधानिक बताने पर खाप प्रतिनिधि उखड़ गए है। खाप प्रतिनिधियों ने कानून मंत्री से लोकसभा में दिए गए बयान को वापस लेकर माफी की मांग की है। माफी नहीं मांगने की सूरत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कानून मंत्री को बर्खास्त करने की मांग की है। खाप प्रतिनिधियों ने चेताया कि अगर माफी नहीं मांगी तो इसके विरोध में उत्तर भारत की खापों की बैठक बुलाकर आंदोलन किया जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि खापों के खिलाफ मल्टीनेशनल कंपनियों की सह पर दबाने का प्रयास किया जा रहा है। मल्टीनेशनल कंपनियां खापों को दूर करके देश की संस्कृति व सभ्यता को तोड़ना चाहती है। यह बात जींद की जाट धर्मशाला में आयोजित खाप प्रतिनिधियों की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही गई।
बराह खाप के प्रधान कुलदीप ढांडा ने कहा कि कानून मंत्री सदानंद गौड़ा को भारतीय संस्कृति व सभ्यता का ज्ञान नहीं है, जिस कारण वह इस तरह के बयान दे रहे हैं। सदानंद गौड़ा को जब देश की संस्कृति व सभ्यता का ज्ञान ही नहीं है तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उन्हें अपने मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के संविधान की धारा 29(1) में स्पष्ट लिखा है कि किसी भी क्षेत्र के लोगों को अपने संस्कृति व सभ्यता को बचाना उनका मौलिक अधिकार है।
खाप पंचायतें अपने मौलिक अधिकार के लिए लड़ रही हैं और हिंदू विवाह कानून 1955 में सपिंडा (वंश, कुल) शब्द के साथ समगोत्र व सम गांव को जोड़ने का आग्रह कर रही हैं। उन्होंने कहा कि खाप पंचायतों को लेकर भाजपा के अंदर ही विरोधाभास दिखाई दे रहा है। जींद रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खाप सरदारों को नमन करके सही ठहराया था और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर भी खापों की कार्यशैली को सही ठहरा चुके हैं। जबकि दूसरी तरफ कानून मंत्री सदानंद गौड़ा खापों को असंवैधानिक बताकर खापों का अपमान कर रहे है। जो किसी भी सूरत में सहन नहीं होगा।
गौड़ा पूरे देश का नहीं क्षेत्र विशेष के मंत्री
ढुल खाप के प्रधान इंद्र सिंह ढुल ने कहा कि कानून मंत्री सदानंद गौड़ा के बयान से प्रतीत होता है कि वह पूरे भारत के कानून मंत्री नहीं, बल्कि क्षेत्र विशेष के मंत्री हैं। जिसे व्यक्ति को देश की संस्कृति का ज्ञान नहीं है उसे कानून मंत्री बनाना गलत है।
खाप पंचायतों ने पर न तो मुगल और न ही अंग्रेज प्रतिबंध लगा पाए थे, लेकिन कानून मंत्री को संस्कृति व सभ्यता का ज्ञान नहीं होने के चलते खापों पर प्रतिबंध लगाने की बात कह रहे हैं। खाप संविधान का पूरा मान सम्मान करते है और संविधान के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाते हैं।
सदानंद गौड़ा को पहले देश की संस्कृति का ज्ञान लेना चाहिए और उसके बाद कानून मंत्री की शपथ लेनी चाहिए। इस अवसर पर कंडेला खाप के प्रधान टेकराम कंडेला, बेहतरा खाप के प्रधा केके मिश्रा, राठी खाप के प्रधान डॉ. रणबीर राठी, सतरोल खाप के प्रधान सूबेदार इंद्र सिंह मोर, दलेल सिंह खटकड़, होशियार सिंह दलाल, दयानंद बूरा, सुरेश कौथ, राजेंद्र चहल, दलीप सिंह चहल, दरिया सिंह सैनी मौजूद थे।
अखिल भारतीय जाट सभा ने जताया विरोध
अखिल भारतीय जाट सभा के प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश मान ने कानून द्वारा खापों को असंवैधानिक बताने पर विरोध जताया है।
ओमप्रकाश मान ने कहा कि खाप पंचायतों ने हमेशा समाज को जोड़ने का प्रयास किया है। कानून मंत्री को खापों का इतिहास के बारे में जानकारी नहीं होने के कारण इस तरह के बयान दिया है।
खाप पंचायतें सदियों से देश की संस्कृति व सभ्यता को बचाने के लिए कुर्बानियां दी है। अगर इन सभी की जानकारी होने के बावजूद भी कानून मत्री सदानंद गौड़ा इस तरह के बयान देते है तो उन्हें कानून मंत्री जैसे पद पर रहने का अधिकार नहीं है।